सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से चलेगा अभियान

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अजमेर से 14 साल की लड़कियों के लिए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस अभियान की शुरुआत होते ही सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में भी एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत की गई। यह अभियान भारत में सर्वाइकल कैंसर से लड़ने और नारीशक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हमारी बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह पहल निवारक स्वास्थ्य देखभाल और ऐसे भविष्य के प्रति प्रधानमंत्री की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां कोई भी परिवार टीके से रोके जा सकने वाले रोग के कारण अपने किसी प्रियजन को न खोए।

उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अभियान के तहत, सभी पात्र 14 वर्षीय लड़कियों को अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से एचपीवी का एक खुराक वाला टीका निःशुल्क उपलब्ध होगा। सर्वाइकल कैंसर ने अनगिनत परिवारों को चुपचाप प्रभावित किया है, लेकिन आज हम एक सशक्त संदेश दे रहे हैं कि सुरक्षा, जागरूकता और टीकाकरण की सुविधा देश के हर कोने तक पहुंचेगी।

जब हम अपनी बेटियों की रक्षा करते हैं, तो हम अपने राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं। कहां होगा टीकाकरणएचपीवी टीकाकरण देश के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध होगा जिसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल,

सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल है। कौन होगा पात्र यह अभियान मुख्य रूप से 14 साल की लड़कियों के लिए है। स्कूल और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पात्र बच्चियों की सूची तैयार करेंगे। जो बच्चियां स्कूल में नहीं हैं, वे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं। टीकाकरण के लिए

अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी। टीका लगाने के बाद बच्चियों को 15-30 मिनट तक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ही रखा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि देश में हर साल हजारों महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित होती हैं। इस बीमारी का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) है, जो अक्सर बिना लक्षण के शरीर में प्रवेश कर जाता है। अब इस वायरस से बचाव संभव हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2022 को सिफारिश की थी कि एचपीवी वैक्सीन का सबसे ज्यादा लाभ छोटी उम्र में लगाए जाने पर मिलता है। 14 साल की उम्र में शरीर की इम्यूनिटी मजबूत प्रतिक्रिया देती है, जिससे लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है। कई मामलों में एक खुराक भी पर्याप्त सुरक्षा दे सकती है, जो दो खुराक जितनी प्रभावी पाई गई है।

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