नई दिल्ली। भारत मंडपम में चल रहे एआई शिखर सम्मेलन में भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर शनिवार को प्रदर्शन किया। भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन की निंदा करते हुए इसे देश की छवि खराब कराने की कोशिश बताया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया और कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया।
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सचदेवा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार भाटिया, विष्णु मित्तल, प्रवीण शंकर कपूर, उपमहापौर जयभगवान यादव, जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र बब्बर, माया विष्ट और अन्य लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड्स तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस प्रदेश अध्यक्ष सचदेवा और अन्य कार्यकर्ताओं को तुगलकरोड स्थित थाने ले गई, जहां से लगभग एक घंटे बाद उनको चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
प्रदेश अध्यक्ष सचदेवा ने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन भाजपा का नहीं भारत राष्ट्र का कार्यक्रम था और उसमें घुस कर प्रदर्शन करना सीधा राष्ट्रद्रोह है। उन्होंने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण मंच पर, जहां भारत अपनी नवाचार क्षमता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल क्रांति का प्रदर्शन कर रहा था, वहां इस प्रकार का प्रदर्शन कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को दर्शाता है।
सचदेवा ने कहा कि जब पूरा विश्व भारत की तकनीकी प्रगति और डिजिटल नेतृत्व को स्वीकार कर रहा है, ऐसे समय में कांग्रेस द्वारा इस प्रकार का हंगामा करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देशहित से ऊपर अपनी राजनीतिक हताशा को रख रही है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की उपलब्धियों को कमतर दिखाने का प्रयास कर रही है।

सचदेवा ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वही मानसिकता है जो संसद से लेकर सड़कों तक देश को बदनाम करने की कोशिश करती रही है। भारत आज तकनीक, स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जिसे कांग्रेस पचा नहीं पा रही है।
मनोज तिवारी ने कहा कि शुक्रवार को जिस प्रकार की घटना हुई है वह समान्य घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस जबतक कांग्रेस के लोगों को पकड़ती उससे पहले ही वहां उपस्थित जनता ने ही उन्हें सबक सिखा दिया। सांसद तिवारी ने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन में कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन राहुल गांधी और उनकी पूरी कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।





