नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का एआई इंपैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत आने पर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर मैक्रों के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि भारत उनकी इस यात्रा का स्वागत करता है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली चर्चा से द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होगा। यह सहयोग वैश्विक प्रगति में भी योगदान देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई और बाद में नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम दोनों देशों के संबंधों को नई गति देंगे। इससे पहले इमैनुएल मैक्रॉन ने भारत यात्रा पर रवाना होते हुए एक्स पर लिखा कि वह मुंबई से नई दिल्ली तक तीन दिन के दौरे पर रहेंगे। उनके साथ व्यापार, आर्थिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक और डिजिटल क्षेत्र के प्रतिनिधि भी आ रहे हैं। मैक्रॉन ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात को लेकर उत्साह भी जताया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में होंगे शामिल
राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त रूप से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार फोरम के तहत नवाचार, स्टार्ट-अप सहयोग, उच्च शिक्षा और अनुसंधान में संयुक्त परियोजनाओं पर ठोस फैसले भी सकते हैं।
114 राफेल लड़ाकू विमानों का मेगा रक्षा सौदा होगा
मैक्रों की इस यात्रा का सबसे बड़ा सामरिक आकर्षण 114 राफेल लड़ाकू विमानों का मेगा रक्षा सौदा हो सकता है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस सौदे को रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से हाल ही में मंजूरी मिली है। दोनों नेता संयुक्त रूप से कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच) की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन भी करेंगे।
अन्य मुद्दों पर भी होगी वार्ता
पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास व खुफिया साझेदारी, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दे केंद्र में रहने की उम्मीद है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी से आगे बढ़ाकर व्यापक वैश्विक साझेदारी का रूप दिया है।





