बंगाल विधानसभा में अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर बवाल, अग्निमित्रा पाल के बयान से मचा हड़कंप

Share

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायकों ने भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल की अल्पसंख्यकों से जुड़ी टिप्पणी का कड़ा विरोध किया। अग्निमित्रा पाल ने कथित तौर पर कहा था कि मदरसों के लिए बजटीय आवंटन से राष्ट्रविरोधी तत्वों को बढ़ावा मिल सकता है।

विधानसभा में अंतरिम बजट पर चर्चा के दौरान जैसे ही अग्निमित्रा पाल ने यह टिप्पणी की, टीएमसी विधायक अपनी सीटों से उठकर सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं, विपक्षी भाजपा के विधायक अपनी आसनसोल दक्षिण सीट से निर्वाचित विधायक के समर्थन में जवाबी नारे लगाते नजर आए।

अग्निमित्रा पाल ने कहा था कि मदरसों के लिए आवंटित धन अल्पसंख्यकों के उत्थान में मदद करने के बजाय ऐसे तत्वों को बढ़ावा देता है, जो डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक बनने के बजाय अपराध की राह पर चले जाते हैं। उनके इस बयान के बाद सदन में विवाद और तेज हो गया।

टीएमसी के वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हकीम और शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे आपत्तिजनक बताया और बाद में विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को इस संबंध में विरोध पत्र सौंपा। विरोध के दौरान फिरहाद हकीम को यह कहते सुना गया कि अग्निमित्रा पाल झूठे बयान दे रही हैं और उन्हें अपने कथन के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में कई मुसलमानों ने देश के लिए बलिदान दिया है और सभी अल्पसंख्यक अपराधी नहीं होते।

वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी अग्निमित्रा पाल के बयान की आलोचना करते हुए इसे पश्चिम बंगाल विधानसभा के धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर धब्बा बताया।

बाद में, जब अग्निमित्रा पाल सदन में मौजूद नहीं थीं, तब विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने कहा कि सदन सर्वसम्मति से भाजपा विधायक के बयान की निंदा करता है और उनके बयान को कार्यवाही से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत शपथ लेने वाले सदस्यों को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों। विधानसभा बहुलतावादी मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है और किसी भी धर्म के प्रति विभाजनकारी या पूर्वाग्रहपूर्ण नहीं है।

हालांकि, सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि उनके मन में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है और उन्होंने केवल राज्य की जमीनी हकीकत की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के कई मदरसों में जिहादी और राष्ट्रविरोधी तत्वों को पनाह दी जा रही है और इस पर सच्चाई सामने आनी चाहिए।

टीएमसी सरकार पर अल्पसंख्यकों को वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि बंगाल में मुसलमानों के विकास की कमी उनके बयान को सही साबित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती और उज्ज्वला गैस सब्सिडी जैसी योजनाओं में किसी से उसका धर्म नहीं पूछा जाता।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728