रांची/पटना। आज सुबह बिहार के औरंगाबाद के बड़े व्यवसायी और चावल ट्रेडर विश्वजीत जायसवाल के न्यू एरिया स्थित आवास पर आयकर विभाग की टीम सुबह से छापेमारी कर रही है। विश्वजीत जायसवाल चावल की ट्रेडिंग बड़े पैमाने पर करते हैं। विभागीय टीम उनके घर पहुंचकर उनकी संपत्तियों और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आयकर में दर्ज शिकायतों और संभावित अनियमितताओं के आधार पर की जा रही है।
सुबह से ही आयकर अधिकारियों ने विश्वजीत जायसवाल से जुड़ी सभी परिसंपत्तियों की पड़ताल शुरू कर दी है। टीम उनकी बैंक स्टेटमेंट, कैश ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का निरीक्षण कर रही है। फिलहाल छापेमारी जारी है और अधिकारियों का उद्देश्य पूरी तरह से जांच कर यह सुनिश्चित करना है कि किसी प्रकार की छुपी हुई आय या अनियमित लेन-देन का पता लगाया जा सके।
वहीं दुसरी और राजधानी रांची में बाबा राइस मिल और इसके जुड़े ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी है। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने गुरूवार काे रांची सहित कुछ अन्य जिलों में छापेमारी की है। यह छापेमारी बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर चल रही है।
सूत्रों के अनुसार के रांची के कांके रोड, रातु रोड और अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी की जा रही है। टीम ने मिल के संचालन, लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। आयकर विभाग की टीम सभी कैश ट्रांजेक्शन, बिल और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को खंगाल रही है। इसके तहत चालू लेन-देन, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजातों की भी पड़ताल की जा रही हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2026 में आयकर विभाग की और से की जाने वाली यह पहली छापेमारी है। यह कार्रवाई व्यापारियों की ओर से अपनी वास्तविक आमदनी छिपा कर टैक्स चोरी करने के मामले में की जा रही है। सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग की छापेमारी रांची के अलावा जमशेदपुर, हजारीबाग सहित बिहार के कुछ जिलों में होने की सूचना है।

कागजातों की जांच-पड़ताल
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल छापेमारी की कार्रवाई जारी है और देर रात तक जांच चलने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाबा राइस मिल में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या टैक्स चोरी हुई है या नहीं।





