पटना । बिहार के पटना में गुरुवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हो गया। घायल अपराधी की पहचान परमानंद यादव के रूप में हुई है, जो झारखंड के लातेहार का रहने वाला बताया जा रहा है। इसका संबंध कुख्यात लॉरेंस विश्नोई से भी बताया जा रहा है। मुठभेड़ में घायल आरोपी पर 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बेउर थाना पुलिस द्वारा कुछ अपराधकर्मी पकड़े गए थे। इसके बाद एक अपराधी फरार होने की नीयत से बाइक पर सवार होकर भागने की कोशिश कर रहा था। बेउर थाना ने मसौढ़ी थाना को इसकी सूचना दी गई।
मसौढ़ी थाना पुलिस के मुताबिक एनएच 22 लाला बीघा गांव के पास एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से जाता हुआ देखा। पुलिस ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तब वह बाइक से गिर गया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद, पुलिस ने जवाबी फायरिंग की और वह घायल हो गया। घायल होने के बाद उसे जख्मी हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिहार-झारखंड में एक्टिव
पुलिस ने बताया कि परमानंद यादव झारखंड के लातेहार का रहने वाला है। इसका संबंध राहुल सिंह गिरोह से है, जबकि राहुल सिंह गिरोह का संबंध लॉरेंस विश्नोई गिरोह से बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, परमानंद बिहार और झारखंड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कमान संभालता था। वह गैंग के प्रमुख शूटरों में शुमार है. इसके अलावा बिहार-झारखंड में कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
अभी पुलिस अनुसंधान कर रही है। पुलिस ने आगे बताया कि यह भी पता चल रहा है कि यह व्यक्ति पहले विदेश यात्रा कर चुका है। इसके खिलाफ 18-20 से भी ज्यादा हत्या, डकैती, लूट, अपहरण के मामले दर्ज हैं। घटनास्थल से हथियार भी बरामद किया गया है। एफएसएल की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार, परमानंद मुख्य रूप से लातेहार जिला के चेतर, चंदवा गांव का निवासी है।
‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत हुई मुठभेड़
बिहार पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ चलाया हुआ है, जिसका उद्देश्य गैंग के सक्रिय अपराधियों को पकड़ना और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इस ऑपरेशन में कई राज्यों की पुलिस टीमें मिलकर काम कर रही हैं। ऐसे में पटना के मसौढ़ी मुठभेड़ इस अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। माना जा रहा है कि परमानंद गैंग का बिहार-झारखंड क्षेत्र में जबरदस्त पकड़ थी।





