स्वदेश निर्मित तेज गश्ती पोत ‘अमूल्य’ भारतीय तटरक्षक बेड़े में शामिल

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नई दिल्ली। तेज गश्ती पोत ‘अमूल्य’ को भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने आज अपने समुद्री बेड़े में शामिल कर लिया। स्वदेशी रूप से विकसित इस जहाज से भारत के समुद्री इलाकों में लंबे मिशन पूरे किए जा सकते हैं। इस पोत को ओडिशा के पारादीप में तैनात किया जाएगा, जिससे भारत के पूर्वी समुद्री तट की सुरक्षा में कोस्ट गार्ड की भूमिका मजबूत होगी।

आईसीजी के कमांडेंट अमित उनियाल ने बताया कि गोवा में शुक्रवार को हुए कमीशनिंग समारोह में रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने तेज गश्ती पोत ‘अमूल्य’ को औपचारिक रूप से आईसीजी में शामिल किया। ‘अमूल्य’ का मतलब ‘अनमोल’ है, जो देश के समुद्री हित के लिए सुरक्षित और साफ समुद्र सुनिश्चित करने की आईसीजी की इच्छा और प्रतिबद्धता को दिखाता है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में डिजाइन और बनाया गया यह 51 मीटर का पोत स्वदेशी जहाज निर्माण की क्षमता को दिखाता है।

उन्होंने बताया कि 60 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी उपकरणों के साथ ‘अमूल्य’ भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार हो रही तरक्की को दिखाता है। यह आईसीजी के ऑपरेशनल विजन, सरकार के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के बीच तालमेल का भी प्रमाण है। यह जहाज दक्षता, धीरज और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता पर फोकस करने वाली आधुनिक डिजाइन को एक साथ जोड़ता है। 3000 किलोवाट के दो आधुनिक डीजल इंजन से चलने वाला यह जहाज 27 नॉट्स की टॉप स्पीड और 1500 नॉटिकल मील की ऑपरेशनल एंड्योरेंस देता है, जिससे भारत के समुद्री इलाकों में लंबे मिशन पूरे किए जा सकते हैं।

जहाज में स्वदेशी रूप से विकसित किए गए पिच प्रोपेलर और हाई प्रिसिजन गियरबॉक्स लगे हैं, जो समुद्र में बेहतर गति, परिचालन लचीलापन और बेहतर परफॉर्मेंस देते हैं। जहाज में 30 एमएम की सीआरएन-91 गन और दो 12.7 एमएम की स्थिर रिमोट-नियंत्रित बंदूक लगी हैं, जिन्हें लक्ष्य निर्धारण और अग्नि-नियंत्रण प्रणालियों से सहायता मिलती है। जहाज में एकीकृत प्रौद्योगिकी भी हैं, जिसमें एक एकीकृत ब्रिज सिस्टम, एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली और स्वचालित बिजली प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं, जो स्थितिजन्य जागरुकता, प्रणाली विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता को बढ़ाता है।

कमांडेंट उनियाल ने बताया कि तेज गश्ती पोत ‘अमूल्य’ को ओडिशा के पारादीप में तैनात किया जाएगा। इसे तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पूर्व) के प्रशासनिक और परिचालन नियंत्रण के अधीन संचालित किया जायेगा। यह जहाज कई तरह के मिशन करेगा, जिसमें निगरानी, अवरोधन, खोज और बचाव, तस्करी विरोधी अभियान और प्रदूषण प्रतिक्रिया शामिल हैं, जिससे भारत के पूर्वी समुद्री तट की सुरक्षा में कोस्ट गार्ड की भूमिका मजबूत होगी। जहाज की कमांडेंट अनुपम सिंह रहेंगी और उनके साथ 05 ऑफिसर और 34 कर्मचारी तैनात होंगे।

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