रामगढ़ में हत्या के विरोध में उग्र प्रदर्शन, हत्यारों की गिरफ्तारी व फांसी देने की मांग

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रामगढ़। रामगढ़ छावनी परिषद क्षेत्र के स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले सोनू कुमार राम की हत्या के विरोध में शुक्रवार को परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग सुभाष चौक पर एकत्र हुए और हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की। प्रदर्शन में मृतक के परिवार के साथ कई स्थानीय नेता भी शामिल हुए। इसमें पूर्व छावनी परिषद उपाध्यक्ष सरदार अनमोल सिंह और कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष मुन्ना पासवान प्रमुख रूप से मौजूद थे। अनमोल सिंह ने इस मौके पर कहा कि यह हत्या बेहद जघन्य अपराध है और इसमें एक व्यक्ति का हाथ होना संभव नहीं लगता। उन्होंने मांग की कि सभी आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी सजा दिलाई जाए।

कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष मुन्ना पासवान ने बताया कि दलित युवक की हत्या कर उसकी लाश को कई टुकड़ों में बांट दिया गया। आरोपित ने करीब 80 दिनों तक शव को घर में रखकर टुकड़े-टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंका। उन्होंने इसे अमानवीय और क्रूर अपराध बताया।

प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि रामगढ़ अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस उपाधीक्षक (एसडीपीओ) हस्तक्षेप करें और मृतक के परिवार को आवास के लिए भूमि आवंटन कराएं। साथ ही सरकारी प्रावधानों के अनुसार मुआवजा राशि, परिवार को पारिवारिक लाभ योजना और नगर परिषद में अनुबंध आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा, सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पीड़ित परिवार को प्रदान करने की मांग उठाई गई।

सोनू राम को सिर के पीछे मारी गई थी गोली

रामगढ़ छावनी परिषद स्टाफ क्वार्टर का रहने वाला सोनू कुमार राम हत्याकांड में लगातार नया खुलासा हो रहा है। शुक्रवार की शाम को सोनू की खोपड़ी धंधार पोखर के समीप जलकुंभी के बीच में फेंकी हुई मिली। पुलिस ने जब खोपड़ी को देखा तो उसके सिर पर पीछे से गोली मारे जाने का निशान था। इससे स्पष्ट है कि हत्यारे ने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उसे घुटनों के बल बिठाकर गोली सिर के ठीक पीछे मारी गई। ताकि उसके बचने का कोई चांस ही ना रहे। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे कई छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया गया था। सोनू के हाथ एक कुएं से मिले। इसके अलावा अलग-अलग जगह से पूरे शरीर के अंग के कंकाल मिले हैं।

कंकाल देख स्पष्ट हुआ महीनों पहले हुई थी सोनू की हत्या

शिबू कॉलोनी, नेहरू रोड के धंधार पोखर के पास दलदल में फेंकी गई सोनू कुमार राम की खोपड़ी यह स्पष्ट करता है कि सोनू की हत्या महीनों पहले कर दी गई थी। उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए बड़ी ही सफाई से शातिर दिमाग हत्यारे ने लगाया था। जिस मोहल्ले में सोनू रहता था, वहीं रंजीत सिंह उर्फ़ नाना भाई नामक व्यक्ति के संपर्क में वह काफी लंबे वक्त से था। उसकी हत्या के मामले में जब रंजीत को पुलिस ने पकड़ा तो पूरी गुत्थी सुलझ गई।

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