पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विकास योजनाओं की तेजी से क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया गया कि प्रगति यात्रा में घोषित 430 में से 428 योजनाओं को मंजूरी दे दी गई है, जबकि दो योजनाओं को तकनीकी रूप से अनुपयुक्त पाया गया है।
नीतीश कुमार ने कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान सभी जिलों का दौरा किया गया था, जहां लोगों से सीधा फीडबैक मिला और कई कमियां भी सामने आईं। इन्हें दूर करने के लिए 430 नई योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिन पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी 38 जिलों से संबंधित योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि इनके कार्यान्वयन में कोई देरी न हो। उन्होंने कहा कि विभाग लंबित योजनाओं पर तेजी से काम करें और उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सर्वांगीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया और कहा कि “सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। हमारी इच्छा है कि बिहार देश के पाँच अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल हो।”
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि प्रगति यात्रा में घोषित योजनाएं सरकार के 22 विभागों से जुड़ी हैं। इनमें से 21 योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है और इन्हें समय पर पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव, और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह मौजूद रहे।





