—एसपी के रीडर के रूप में तैनात थे योगेश कुमार, सरकारी क्वार्टर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव; एफएसएल टीम ने शुरू की जांच
भागलपुर, 24 अक्टूबर । बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला मुख्यालय स्थित पुलिस केंद्र के सरकारी क्वार्टर में शनिवार सुबह अवर निरीक्षक योगेश कुमार का शव फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए भागलपुर से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया है।
16 अक्टूबर को सहायक अवर निरीक्षक से बने थे दारोगा
योगेश कुमार लंबे समय से नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के रीडर के रूप में अपराध शाखा में तैनात थे। पुलिस विभाग में उन्हें कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाना जाता था। हाल ही में 16 अक्टूबर को उन्हें सहायक अवर निरीक्षक के पद से पदोन्नत कर अवर निरीक्षक बनाया गया था।
पदोन्नति के अवसर पर एसपी वैभव शर्मा ने एक विशेष कार्यक्रम में उनके कंधे पर डबल स्टार लगाकर उन्हें सम्मानित किया था। पदोन्नति के महज आठ दिन बाद उनकी मौत की खबर से पुलिस विभाग के अधिकारी और जवान स्तब्ध हैं।
बांका के रहने वाले थे योगेश कुमार
योगेश कुमार मूल रूप से बांका जिले के बौंसी प्रखंड के बाराहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत तप्पाड़ीह गांव के निवासी थे। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनकी आठ बहनें हैं। इसी वर्ष एक जुलाई को उनका विवाह लखीसराय निवासी गुड़िया कुमारी से हुआ था। उनकी पत्नी वर्तमान में पटना सचिवालय में कार्यरत हैं।
भागलपुर जिला बल में हुआ था तबादला
जानकारी के अनुसार, योगेश कुमार का कुछ समय पहले भागलपुर जिला बल में तबादला हुआ था, लेकिन वह अभी नवगछिया से विरमित नहीं हुए थे। इस दौरान वह पुलिस केंद्र स्थित सरकारी क्वार्टर में अकेले रह रहे थे।
शनिवार सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद नवगछिया के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया।
पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की छानबीन कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।






