—गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों से सजा आसमान, किरण और सारंग टीम ने दिखाया शानदार हवाई कौशल; पहले दिन नमोघाट पर उमड़ी भीड़
वाराणसी, 22 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी काशी में भारतीय वायुसेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को तीन दिवसीय एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ का भव्य आगाज हुआ। नमोघाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद गंगा की लहरों के ऊपर लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के रोमांचक प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विमानों ने तिरंगे के रंगों से आसमान को सजाकर देशभक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया।
राफेल और सुखोई की गर्जना से गूंजा आसमान
एयर शो के पहले दिन अत्याधुनिक राफेल और सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों ने अपनी उड़ान क्षमता और हवाई करतबों का प्रदर्शन किया। तेज रफ्तार से उड़ान भरते हुए राफेल ने दिशा बदलने और विभिन्न हवाई युद्धाभ्यास के जरिए दर्शकों का ध्यान खींचा। वहीं, सुखोई-30 एमकेआई के करतबों ने लोगों का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया।
विमानों की गर्जना, सटीक तालमेल और आसमान में की गई रोमांचक कलाबाजियों को देखकर घाटों पर मौजूद दर्शक उत्साहित नजर आए।
किरण विमानों ने बनाया ‘वी’ आकार का फॉर्मेशन
प्रदर्शन के दौरान तीन किरण विमानों ने विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार के विक फॉर्मेशन में उड़ान भरी। इस दौरान आसमान में तिरंगे के रंगों का मनमोहक दृश्य दिखाई दिया। भारतीय वायुसेना और भारतीय थलसेना के एएलएच मार्क-III हेलीकॉप्टरों ने भी फॉर्मेशन के जरिए अपने उड़ान कौशल का प्रदर्शन किया।
भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम के करतब भी आकर्षण का केंद्र रहे। ऐतिहासिक हार्वर्ड विमान की मौजूदगी ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
नमोघाट पर सुबह से जुटने लगे थे लोग
एयर शो देखने के लिए सुबह करीब 10 बजे से ही लोग नमोघाट और आसपास के घाटों पर जुटने लगे थे। गंगा के दूसरी ओर से भी बड़ी संख्या में लोगों ने हवाई प्रदर्शन का आनंद लिया।
मुख्य आयोजन से पहले नमोघाट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसके बाद आसमान में विमानों के अनुशासित फॉर्मेशन और हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

विभिन्न नामों वाले फॉर्मेशन रहे आकर्षण
एयर शो में केदार, सारंग, ओंकार, गंगा, रुद्र, भागीरथी, त्रिदेव, अलकनंदा, भैरव, कैलाश, त्रिलोचन और दशाश्वमेध सहित विभिन्न नामों पर आधारित हवाई फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र रहे। इन फॉर्मेशन के जरिए वायु योद्धाओं ने पेशेवर दक्षता, सटीक समन्वय और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया।
आयोजन में लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए विशेष फॉर्मेशन तैयार किए गए हैं।
100 विमानों की भागीदारी निर्धारित
आयोजन में कुल 100 विमानों की भागीदारी निर्धारित की गई है। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं।
लड़ाकू विमानों में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए, मिग-29 और जगुआर जैसे विमान शामिल होंगे। हेलीकॉप्टरों में लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर, चिनूक, एएलएच मार्क-III, एएलएच मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 की क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
परिवहन एवं सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई शामिल हैं।
थलसेना, नौसेना और गरुड़ विशेष बल भी होंगे शामिल
इस आयोजन में भारतीय थलसेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टरों के साथ भारतीय नौसेना के एक पी-8आई विमान और एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर की भागीदारी भी निर्धारित है। भारतीय वायुसेना के गरुड़ विशेष बल भी प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।
एयर शो में शामिल होने वाले विमान देशभर के 12 वायु अड्डों से उड़ान भरेंगे। इनमें चेन्नई के निकट स्थित नौसैनिक वायु स्टेशन अरक्कोणम भी शामिल है। काशी में आयोजित यह एयर शो भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और सैन्य सामर्थ्य को प्रदर्शित करने के साथ दर्शकों के लिए रोमांचक अनुभव बन रहा है।






