—पटना विश्वविद्यालय के 109वें स्थापना दिवस समारोह में बोले मंत्री, कहा- आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, मिलकर काम करने का समय
पटना: बिहार सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर ने कॉलेजों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कई महाविद्यालयों में जितने छात्र-छात्राओं का नामांकन है, उतने विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में नहीं पहुंचते हैं। यह चिंता का विषय है और इस दिशा में सभी को मिलकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
नामांकन के अनुपात में कक्षाओं में नहीं पहुंच रहे विद्यार्थी
उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर पटना विश्वविद्यालय के 109वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति ने सरकार पर विश्वविद्यालय को पर्याप्त फंड नहीं देने का आरोप लगाया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि कई महाविद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या और कक्षाओं में आने वाले छात्रों की संख्या में अंतर देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना भी उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। इस पर सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए।
‘आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, मिलकर काम करने का समय’
मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सामूहिक प्रयास की जरूरत है। विश्वविद्यालयों और सरकार को आपसी सहयोग के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर भी रखी बात
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को लेकर उठ रहे सवालों पर संजय टाइगर ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता में सरकार के हस्तक्षेप को लेकर अफवाह कहां से फैल गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है।
मंत्री ने कहा कि समय के साथ बदलाव जरूरी है। उच्च शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी पक्षों को सकारात्मक सोच के साथ मिलकर काम करना होगा।






