कोडरमा, 11 अक्टूबर। नाबालिग से कथित यौन शोषण के गंभीर मामले में कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने शनिवार देर रात उन्हें उरवां स्थित फार्म हाउस से हिरासत में लिया था। कई घंटे की पूछताछ और मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। मामले में शिकायतकर्ता आदिवासी किशोरी हजारीबाग जिले की रहने वाली बताई जा रही है।
इलाज के सिलसिले में संपर्क में आने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किशोरी इलाज के सिलसिले में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के संपर्क में आई थी। आरोप है कि इसी दौरान उसे अपने प्रभाव में लेकर उसका यौन शोषण किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की।
पीड़िता की शिकायत पर कोडरमा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। महिला थाना की प्रारंभिक जांच के बाद मामले की जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शनिवार देर रात डॉ. अनिल कुमार को उरवां स्थित फार्म हाउस से हिरासत में लिया।
कई घंटे की पूछताछ के बाद भेजे गए जेल
पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद डॉ. अनिल कुमार से मामले को लेकर कई घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद सदर अस्पताल में मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी कराई गई। रविवार को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कोडरमा के पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद सिविल सर्जन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक महकमे में हलचल
जिले के सिविल सर्जन जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक महकमे में हलचल है। घटना को लेकर जिले में चर्चा तेज हो गई है।
गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के दौरान डॉ. अनिल कुमार ने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया। पत्रकारों द्वारा मामले के संबंध में पूछे जाने पर वह कुछ भी बोलने से बचते रहे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपों की पुष्टि और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा जांच के आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगा।






