—पश्चिम बंगाल की दोनों विधानसभा सीटों पर भाजपा की बड़ी जीत
कोलकाता, 9 अक्टूबर। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार जीत दर्ज की है। नंदीग्राम से भाजपा प्रत्याशी हासिरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की, जबकि रेजिनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार शाखारव सरकार 75,748 वोटों से विजयी हुए। दोनों सीटों पर भाजपा की इस जीत को राज्य की राजनीति में बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
नंदीग्राम में हासिरानी रथ ने बनाया जीत का नया रिकॉर्ड
नंदीग्राम सीट पर हासिरानी रथ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराया। उनकी जीत का अंतर 1.22 लाख वोटों से अधिक रहा, जिसने इस सीट पर पिछले चुनावों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में नंदीग्राम में 81,230 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2021 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में उनकी जीत का अंतर 1,956 वोट रहा, जबकि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 9,665 वोटों से जीत हासिल की थी।
हासिरानी रथ दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव थे। हासिरानी की रिकॉर्ड जीत ने नंदीग्राम में भाजपा के प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी है।
रेजिनगर में भी भाजपा को भारी समर्थन
रेजिनगर विधानसभा सीट पर भी भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की। पार्टी के उम्मीदवार शाखारव सरकार ने 75,748 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मुस्लिम बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर भाजपा की जीत ने चुनावी नतीजों को खास बना दिया है।
मतगणना के शुरुआती दौर से ही दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने बढ़त बना रखी थी। नंदीग्राम में 11वें दौर के बाद हासिरानी रथ 90,203 वोटों से आगे थीं। 13वें दौर में उनकी बढ़त बढ़कर 1,05,854 वोट हो गई और अंतिम परिणाम में यह अंतर 1,22,753 तक पहुंच गया।
रेजिनगर में भी पोस्टल बैलेट की गिनती से भाजपा की बढ़त शुरू हुई। मतगणना आगे बढ़ने के साथ यह अंतर लगातार बढ़ता गया और अंततः शाखारव सरकार ने 75,748 वोटों से जीत दर्ज की।
शुभेंदु अधिकारी बोले- राष्ट्रवादी शक्तियों की जीत
दोनों सीटों पर भाजपा की जीत के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे राष्ट्रवादी शक्तियों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से विश्वास था कि तृणमूल कांग्रेस और वामदल इन दोनों सीटों पर प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।
रेजिनगर में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों से मिले समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को धार्मिक भेदभाव के बिना ‘अन्नपूर्णा योजना’ का लाभ मिला है। उनके अनुसार, इस योजना का लाभ मिलने से महिलाओं ने भाजपा का समर्थन किया।
विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया में धांधली को लेकर लगाए गए आरोपों पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पूरी चुनावी प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय की निगरानी में संपन्न हुई।
दोनों सीटें खाली होने के बाद कराया गया उपचुनाव
नंदीग्राम और रेजिनगर सीटों पर उपचुनाव विधायकों के सीट छोड़ने के कारण कराया गया था। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। दोनों जगह जीतने के बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी थी और नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी। भवानीपुर में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।
इसी तरह आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने नाओदा और रेजिनगर, दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने रेजिनगर सीट छोड़ दी थी। इन दोनों सीटों के रिक्त होने के बाद मंगलवार, 6 अक्टूबर को उपचुनाव कराया गया।
नंदीग्राम और रेजिनगर में भाजपा की भारी जीत ने राज्य की राजनीति में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने का संकेत दिया है। खासकर नंदीग्राम में 1.22 लाख से अधिक वोटों का अंतर चुनाव का सबसे प्रमुख परिणाम बनकर सामने आया है।






