चतरा, 07 अक्टूबर। चतरा जिले के विभिन्न थानों और पुलिस मोर्चों पर वर्षों से सेवा दे रहे 248 सहायक पुलिसकर्मियों का अनुबंध 6 अक्टूबर को समाप्त हो गया। अनुबंध समाप्त होने के बाद इन जवानों के सामने अब सेवा जारी रहने को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। वहीं, अगस्त और सितंबर का मानदेय नहीं मिलने से उनकी आर्थिक परेशानी भी बढ़ गई है।
झारखंड सहायक पुलिस एसोसिएशन की चतरा जिला इकाई ने सरकार से तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। संघ ने पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप कर बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराने की भी गुहार लगाई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मानदेय का भुगतान जल्द नहीं हुआ तो समाहरणालय का घेराव किया जाएगा।
छह अक्टूबर को खत्म हुआ अनुबंध
संघ के मुताबिक, जिले के अलग-अलग थानों और पुलिस मोर्चों पर तैनात 248 सहायक पुलिसकर्मी पिछले कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका अनुबंध 6 अक्टूबर को समाप्त हो गया।
अनुबंध खत्म होने के बाद जवानों को फिलहाल सेवा से बाहर बैठना पड़ रहा है। इससे उनके सामने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है। संघ का कहना है कि सरकार को स्थायी निर्णय होने तक सहायक पुलिसकर्मियों को सेवा से अलग नहीं किया जाना चाहिए।
नौ वर्षों से कानून-व्यवस्था में दे रहे योगदान
झारखंड सहायक पुलिस एसोसिएशन के चतरा जिला अध्यक्ष उज्जवल सिंह ने कहा कि सहायक पुलिसकर्मियों ने पिछले नौ वर्षों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लगातार योगदान दिया है।
उनके अनुसार, जवानों ने नक्सल अभियान, चुनाव ड्यूटी, ट्रैफिक व्यवस्था और पर्व-त्योहारों के दौरान भी जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसके बावजूद अनुबंध समाप्त होने के बाद उन्हें सेवा से बाहर बैठना पड़ रहा है।
अनुबंध नवीनीकरण और नियमितीकरण की मांग
संघ ने सरकार से अनुबंध का तत्काल नवीनीकरण करने की मांग की है। साथ ही नौ वर्षों की सेवा को देखते हुए सहायक पुलिसकर्मियों के नियमितीकरण या झारखंड पुलिस में समायोजन की मांग भी दोहराई गई है।
संघ की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, वर्दी भत्ता, चिकित्सा सुविधा और अनुकंपा का लाभ देना भी शामिल है।
अगस्त और सितंबर का मानदेय बकाया
जिला अध्यक्ष उज्जवल सिंह ने बताया कि चतरा के सहायक पुलिसकर्मियों को अगस्त और सितंबर महीने का मानदेय अब तक नहीं मिला है।
उन्होंने पुलिस के अकाउंट विभाग पर भुगतान में लापरवाही का आरोप लगाया है। संघ ने एसपी अनिमेष नैथानी से मामले में हस्तक्षेप कर बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराने की मांग की है।
भुगतान नहीं हुआ तो समाहरणालय घेराव की चेतावनी
उज्जवल सिंह ने कहा कि यदि बकाया मानदेय का भुगतान जल्द नहीं किया गया तो संघ समाहरणालय का घेराव करने को मजबूर होगा।
उन्होंने बताया कि राज्य संघ के आह्वान पर आगे रांची में भी आंदोलन किया जा सकता है। संघ का कहना है कि जवानों ने लंबे समय तक पुलिस विभाग के साथ काम किया है, इसलिए उनके भविष्य और बकाया भुगतान को लेकर सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
कैबिनेट के फैसले पर टिकी निगाहें
सहायक पुलिसकर्मियों की नजर अब सरकार की कैबिनेट बैठक पर भी टिकी है। संघ को उम्मीद है कि सरकार अनुबंध विस्तार और सेवा से जुड़े मुद्दों पर कोई सकारात्मक निर्णय ले सकती है।
फिलहाल 248 सहायक पुलिसकर्मियों के सामने सेवा जारी रहने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं, दो माह के बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर भी जवानों में नाराजगी है। अब देखना होगा कि सरकार और पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है।






