भागलपुर, 12 सितंबर । बाढ़ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच जिला स्वास्थ्य विभाग ने राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण के लिए विशेष पहल शुरू की है। इसी क्रम में शनिवार को बरारी स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज बाढ़ राहत शिविर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग का विशेष अभियान चलाया गया।
मानसिक तनाव और चिंता के प्रति किया जागरूक
अभियान का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों को आपदा के दौरान होने वाले मानसिक तनाव, चिंता, भय और नींद से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करना था।
स्वास्थ्य कर्मियों ने शिविर में रह रहे लोगों को मानसिक रूप से मजबूत रहने और अपनी परेशानियां परिवार के सदस्यों तथा चिकित्सकों से साझा करने के लिए प्रेरित किया। जरूरत पड़ने पर मनोसामाजिक सहायता लेने की भी सलाह दी गई।
30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की जांच
अभियान के दौरान 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए गैर-संचारी रोगों की विशेष स्क्रीनिंग की गई। इसमें उच्च रक्तचाप (बीपी), मधुमेह (शुगर) समेत अन्य सामान्य बीमारियों की जांच की गई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को कैंसर के शुरुआती और संभावित लक्षणों के प्रति भी जागरूक किया। जांच में संदिग्ध पाए गए लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया और आगे के उपचार के लिए बड़े स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जा रहा है।
नियमित दवा लेने वाले मरीजों पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य विभाग की टीम में गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. पंकज मनस्वी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मणि भूषण झा, जिला लेखा प्रबंधक सोमेश झा और मनोवैज्ञानिक निशांत कुमार शामिल रहे।
टीम के अधिकारियों ने बताया कि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ नियमित दवाएं लेने वाले मरीजों की जरूरतों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की नियमित निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राहत शिविरों में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों जैसे संवेदनशील समूहों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की नियमित निगरानी की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि बाढ़ के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के बावजूद शिविरों में रह रहे लोगों को समय पर आवश्यक जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।






