बच्चों की पढ़ाई ही नहीं, उनके व्यवहार और दिनचर्या पर भी नजर रखें शिक्षक: प्रधानमंत्री मोदी, नशे और अत्यधिक स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर किया सतर्क

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नई दिल्ली, 05 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके व्यवहार, दिनचर्या और मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देने का आह्वान किया है। उन्होंने बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और अत्यधिक स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर शिक्षकों से सतर्क रहने की अपील की।

82 राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से संवाद

प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों और शिक्षाविदों के साथ संवाद कर रहे थे। शिक्षक दिवस से एक दिन पहले आयोजित इस कार्यक्रम में इस वर्ष के 82 पुरस्कार विजेताओं ने हिस्सा लिया। इनमें 48 स्कूली शिक्षक, 21 उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षक तथा 13 कौशल प्रशिक्षक शामिल रहे।

शिक्षक की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक नहीं

प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है। उन्हें विद्यार्थियों के व्यवहार में होने वाले बदलावों को पहचानना चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक संयुक्त परिवार व्यवस्था कमजोर होने के कारण बच्चों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में शिक्षकों को बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं के पीछे के कारणों को समझने की जरूरत है।

नशे की प्रवृत्ति को लेकर सतर्क रहने की अपील

मोदी ने बच्चों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों के व्यवहार में अचानक होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। यदि किसी बच्चे में नशे की आदत के संकेत दिखाई दें तो शिक्षक उसे सही दिशा देने और इस समस्या से बाहर निकालने में मदद करें।

उन्होंने बच्चों के अत्यधिक स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत बताई।

बच्चों की जिज्ञासा को सही दिशा देने पर जोर

प्रधानमंत्री ने बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा को दबाने के बजाय उसे सही दिशा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की मासूमियत और सीखने की उत्सुकता को बनाए रखना जरूरी है।

श्रम की गरिमा का भाव विकसित करें शिक्षक

मोदी ने विद्यार्थियों में श्रम की गरिमा की भावना विकसित करने को भी शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को मेहनत और हर प्रकार के काम के सम्मान का महत्व समझाया जाना चाहिए।

शिक्षकों ने साझा किए अपने अनुभव

संवाद के दौरान राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं ने प्रधानमंत्री के साथ अपने शिक्षण अनुभव साझा किए। शिक्षकों ने कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाने के लिए अपनाए गए विभिन्न नवाचारों और प्रयोगों की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री ने शिक्षकों के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र व्यक्तित्व और भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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