गयाजी, 05 सितंबर । बिहार के गयाजी स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में शनिवार को 29वीं पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। समारोह में शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) टेक्निकल एंट्री के चौथे बैच के 253 ऑफिसर कैडेट्स ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया।
पासिंग आउट कैडेट्स में 218 पुरुष और 35 महिला ऑफिसर कैडेट्स शामिल रहे। परेड के दौरान कैडेट्स ने सैन्य अनुशासन, साहस और नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
वियतनाम पीपुल्स आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल रहे समीक्षा अधिकारी
पासिंग आउट परेड के समीक्षा अधिकारी वियतनाम पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग रहे। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवा सैन्य अधिकारियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान तथा लेफ्टिनेंट जनरल संदीप सिंह, कमांडेंट, ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, गयाजी समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सिम्फनी बैंड की प्रस्तुति ने बढ़ाया उत्साह
पासिंग आउट परेड के दौरान ओटीए के सिम्फनी बैंड ने देशभक्ति की धुनों और सैन्य मार्च की शानदार प्रस्तुतियां दीं। बैंड की प्रस्तुतियों ने समारोह में जोश, अनुशासन और गौरव का माहौल बना दिया।
ऑफिसर कैडेट्स ने सैन्य परंपराओं और अनुशासन का पालन करते हुए भारतीय सेना के अधिकारी बनने की अपनी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया।
नवाचार और आधुनिक तकनीक पर जोर
समीक्षा अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग ने पासिंग आउट ऑफिसर कैडेट्स को संबोधित करते हुए उन्हें नवाचार अपनाने और लगातार अपने ज्ञान को अपडेट करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा सैन्य नेताओं को उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व करने के साथ-साथ नई तकनीकों में महारत हासिल करनी होगी।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते युद्धक्षेत्र में परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता एक सैन्य अधिकारी के लिए बेहद जरूरी है।
परंपरा और आधुनिक सोच के बीच संतुलन जरूरी
लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग ने युवा अधिकारियों से भारतीय सेना के मूल्यों और गौरवशाली सैन्य परंपराओं को कायम रखते हुए भविष्य की सोच वाली नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शांति और युद्ध, दोनों परिस्थितियों में प्रभावी कमान के लिए सैन्य परंपरा और आधुनिक सोच के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।
भारतीय सेना में शामिल हुए 253 नए अधिकारी
253 नए अधिकारियों के भारतीय सेना में शामिल होने के साथ ही ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, गयाजी की गौरवशाली सैन्य परंपरा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। पासिंग आउट परेड ने कैडेट्स के कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित किया।






