नालंदा, 04 सितंबर । जिले में मानव तस्करी और जबरन शादी से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शेखपुरा जिले की 18 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती का बिहारशरीफ के रामचंद्रपुर बस स्टैंड से कथित तौर पर अपहरण कर 50 हजार रुपये में बेचने और जबरन शादी कराने का मामला सामने आया है। लहेरी थाना पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए युवती को इस्लामपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथ सोहजना गांव से सकुशल बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने कथित खरीदार और बिचौलियों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इलाज के लिए मां के साथ आई थी बिहारशरीफ
पुलिस के अनुसार, शेखपुरा जिले के बरबीघा निवासी ममता देवी चार अगस्त को अपनी 18 वर्षीय बेटी का इलाज कराने बिहारशरीफ के रामचंद्रपुर स्थित मनोरोग विशेषज्ञ के पास आई थीं। इसी दौरान उनकी बेटी अचानक रामचंद्रपुर बस स्टैंड से लापता हो गई।
ममता देवी की शिकायत पर बरबीघा थाने में शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में प्राथमिकी को लहेरी थाना भेजा गया, जहां एक सितंबर को मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
ऑटो से ले जाकर मंदिर में कराई शादी
पुलिस जांच के अनुसार, पटना जिले के पंडारक थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी उषा देवी (59) ने कथित तौर पर युवती को रामचंद्रपुर बस स्टैंड से जबरन ऑटो में बैठाया और बाढ़ स्थित उमानाथ मंदिर ले गई।
आरोप है कि वहां उषा देवी, सुधीर सिंह और बीरेंद्र सिंह उर्फ बिल्लू ने मिलकर युवती की जबरन शादी नालंदा के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथ सोहजना निवासी दिलीप सिंह (50) से करा दी।
शादी के बदले लिए 50 हजार रुपये
पुलिस के अनुसार, युवती की शादी कराने के बदले दिलीप सिंह से 50 हजार रुपये लिए गए थे। आरोप है कि इसमें से 30 हजार रुपये सुधीर सिंह ने रखे, जबकि उषा देवी और बीरेंद्र सिंह उर्फ बिल्लू ने 10-10 हजार रुपये आपस में बांट लिए।
पुलिस जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर मामले को मानव तस्करी और जबरन विवाह से जोड़कर देखा जा रहा है।
शादी के बाद कमरे में बंद रखने का आरोप
थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक के अनुसार, जबरन शादी के बाद दिलीप सिंह युवती को अपने घर रघुनाथ सोहजना ले गया। आरोप है कि वहां उसे एक कमरे में बंद रखा जाता था और किसी से मिलने-जुलने नहीं दिया जाता था।
इसी दौरान युवती किसी तरह घर से बाहर निकलने में सफल हुई और फोन के माध्यम से अपने परिजनों से संपर्क किया। लोकेशन मिलने के बाद परिजन इस्लामपुर स्थित दिलीप सिंह के घर पहुंचे और बेटी को अपने साथ ले जाने का प्रयास किया।
50 हजार रुपये देने की बात कहकर परिजनों को रोका
आरोप है कि दिलीप सिंह ने युवती को परिजनों के हवाले करने से इनकार कर दिया। उसने कथित तौर पर कहा कि उसने युवती के लिए 50 हजार रुपये दिए हैं। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया।
सूचना मिलने के बाद लहेरी थाना पुलिस ने छापेमारी कर युवती को सकुशल बरामद कर लिया।
चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पटना जिले के पंडारक थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी स्वर्गीय झपसी सिंह की पत्नी उषा देवी, नालंदा के इस्लामपुर थाना क्षेत्र निवासी दिलीप सिंह, पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र के दयालचक निवासी सुधीर सिंह और मानिकपुर निवासी बीरेंद्र सिंह उर्फ बिल्लू के रूप में हुई है।
लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर युवती को बरामद किया गया। गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।






