सोन नदी का जलस्तर बढ़ा, हुसैनाबाद के तटीय गांवों में अलर्ट; नदी के बीच खेती करने वालों को लौटने की सलाह

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पलामू, 1 सितंबर। सोन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए पलामू जिले के हुसैनाबाद क्षेत्र में प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभिन्न बराज और जलाशयों से करीब दो लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी सोन नदी में पहुंचने के बाद जलस्तर में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। इससे सोन तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है।

तटीय गांवों में कटाव से बढ़ी चिंता

हुसैनाबाद प्रखंड के सोनपुरवा, देवरी खुर्द, देवरी कला, बुधुआ, बड़ेपुर और दंगवार समेत कई गांवों में सोन नदी के किनारे भूमि कटाव जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के कटाव से बचाव के लिए वर्षों से तटबंध निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार जनप्रतिनिधियों के स्तर पर भी कई बार इस समस्या को उठाया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

नदी के बीच खेती करने वालों को लौटने की सलाह

सोन नदी के बीच कई स्थानों पर बालू के ऊंचे टीले हैं, जहां स्थानीय और कुछ बाहरी किसान परवल, खीरा समेत विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती करते हैं। कुछ लोग इन स्थानों पर मवेशी भी रखते हैं। जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने ऐसे लोगों को समय रहते नदी के बीच स्थित टीलों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर लौटने की सलाह दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कई किसान नाव के सहारे अपनी फसल और सामान लेकर वापस लौटने लगे हैं। हालांकि कुछ लोग फसल बचाने और मवेशियों की देखभाल के लिए अभी भी नदी के बीच मौजूद हैं।

जलस्तर फिलहाल नियंत्रण में : मुख्य अभियंता

सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है। जलस्तर नियंत्रण में है और स्थिति स्थिर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि नॉर्थ कोयल समेत अन्य जलाशयों से करीब दो लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी सोन नदी में पहुंचने के कारण जलस्तर में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य नियंत्रण में है। हालांकि सोन नदी के बीच स्थित ऊंचे स्थानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को एहतियातन अलर्ट किया गया है।

इंद्रपुरी बराज से भी छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी

बरसात के मौसम में जलाशयों में पानी बढ़ने के साथ अतिरिक्त पानी सोन नदी में छोड़ा जाता है। इंद्रपुरी स्थित सोन बराज से भी अतिरिक्त पानी को विभिन्न नहरों में छोड़े जाने की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में सोन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

रोहतास के तटीय इलाकों पर भी पड़ सकता है असर

सोन नदी का बहाव आगे बिहार के रोहतास जिले की ओर जाता है। इंद्रपुरी बराज और अन्य जल स्रोतों से पानी छोड़े जाने का असर रोहतास के सोन तटीय इलाकों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि फिलहाल किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं बताई गई है, लेकिन जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों और नदी के बीच खेती करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

निचले इलाकों और कटाव प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी के बीच बने टीलों, निचले इलाकों और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें। किसी भी तरह की सूचना या खतरे के संकेत मिलने पर तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं।

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