सम्राट चौधरी ने जल शक्ति मंत्री से की मुलाकात, बिहार की तीन बड़ी परियोजनाओं को आगामी केंद्रीय बजट में शामिल करने की मांग

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पटना, 1 सितंबर । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात की। बैठक में उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। इस दौरान बिहार से जुड़ी जल संसाधन, सिंचाई और बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं की प्रगति, लंबित स्वीकृतियों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र से शीघ्र वित्तीय सहायता और स्वीकृति देने का आग्रह किया।

तीन बड़ी परियोजनाओं को केंद्रीय बजट में शामिल करने का आग्रह

बैठक में आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में बिहार की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शामिल करने का अनुरोध किया गया। इनमें इंद्रपुरी जलाशय परियोजना, सोन-फल्गु रिवर लिंक परियोजना और सारण जिले की बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी परियोजना (फेज-1) शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए सिंचाई सुविधा बढ़ाने, जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने और बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने पर जोर दिया गया।

कोसी-मेची परियोजना के दूसरे चरण की मंजूरी मांगी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट 2024-25 और 2025-26 में बिहार के लिए घोषित योजनाओं की वर्तमान स्थिति और लंबित स्वीकृतियों की जानकारी दी। बिहार सरकार ने 16,339.18 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के डीपीआर केंद्र को उपलब्ध कराए हैं, जिनमें अब तक केवल दो परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।

बैठक में करीब 3,652.56 करोड़ रुपये की कोसी-मेची अंतर्राज्यीय रिवर लिंक परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। इसका उद्देश्य कोसी बेसिन के अतिरिक्त पानी का उपयोग कर उत्तर बिहार में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना है।

परियोजना के प्रथम चरण के लिए वर्ष 2025-26 में 395.41 करोड़ और 2026-27 में 570 करोड़ रुपये का प्रावधान है। अब तक 156.745 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने शेष राशि शीघ्र जारी करने के साथ दूसरे चरण के डीपीआर को मंजूरी देने का आग्रह किया।

सिकरहना तटबंध के लिए केंद्रीय सहायता की मांग

मुख्यमंत्री ने सिकरहना दायां तटबंध निर्माण योजना का मुद्दा भी उठाया। करीब 125.08 करोड़ रुपये के केंद्रीय अंश वाली इस योजना की केंद्रीय समिति अनुशंसा कर चुकी है। बिहार सरकार ने इसके लिए जल्द केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

18 परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह

बैठक में बताया गया कि केंद्रीय बजट 2024-25 के तहत सिंचाई क्षेत्र की तीन परियोजनाएं, जिनकी कुल लागत 5,951.45 करोड़ रुपये है, तथा बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी 15 परियोजनाएं, जिनकी लागत 3,896.14 करोड़ रुपये है, जल शक्ति मंत्रालय के विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया।

पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के आधुनिकीकरण की समीक्षा

केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के विस्तार, नवीकरण और आधुनिकीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बिहार सरकार ने इसके लिए 8,338.89 करोड़ रुपये का डीपीआर केंद्रीय जल आयोग को भेजा है। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से परियोजना के प्रथम चरण का काम शुरू कर दिया है।

बाढ़ नियंत्रण के लिए बजटीय प्रावधान बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने फ्लड मैनेजमेंट एंड बॉर्डर एरिया प्रोग्राम के तहत बिहार के लिए बजटीय प्रावधान बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार देश के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित राज्यों में शामिल है और राज्य का करीब 73 प्रतिशत क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आता है। ऐसे में बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी से जुड़ी परियोजनाओं के लिए पर्याप्त केंद्रीय सहायता जरूरी है।

राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति बनाने की मांग

सम्राट चौधरी ने गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग के अध्यक्ष का मुख्यालय पटना में बनाए रखने की मांग की। इसके अलावा भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के नवीनीकरण और राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति बनाने पर भी जोर दिया।

नेपाल से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की अपील

बैठक में नेपाल से संबंधित लंबित जल संसाधन परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कोसी हाई डैम, कमला बहुउद्देशीय परियोजना और बागमती बांध परियोजना को शीघ्र आगे बढ़ाने का आग्रह किया। साथ ही संयुक्त परियोजना कार्यालय में बिहार का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।

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