रांची, 27 अगस्त । झारखंड सरकार की ओर से असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (एपीपी) की नियमित और बैकलॉग परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने प्रार्थी को याचिका की प्रति झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
जिन नियुक्ति प्रक्रियाओं पर रोक को चुनौती दी गई है, उनमें एपीपी नियमित परीक्षा (विज्ञापन संख्या 6/2025) और एपीपी बैकलॉग परीक्षा (विज्ञापन संख्या 5/2025) शामिल हैं। इस संबंध में आलोक रंजन, आदित्य भास्कर, आनंद सिंह और अनिरुद्ध ओझा ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक हटाने से इनकार
वहीं, एपीपी नियमित परीक्षा की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द किए जाने के खिलाफ सत्यांशु शुभम की ओर से दाखिल याचिका पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने झारखंड सरकार और जेपीएससी से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता रौनक सहाय और श्रीकांत स्वरूप ने पक्ष रखा।
22 परीक्षाएं रद्द, छह की प्रक्रिया स्थगित
उल्लेखनीय है कि सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। सरकार ने वर्ष 2014 से आयोजित नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की भी जांच कराने का निर्णय लिया है।
इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से संबंधित अधिसूचना जारी की गई। इसके तहत 22 परीक्षाएं रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है।






