बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोले गए; नेपाल से आने वाले पानी को लेकर अलर्ट

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पटना, 27 अगस्त । नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में गंडक नदी के जलप्रवाह में अचानक वृद्धि की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने संबंधित जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सुबह पहुंचा नेपाल की बाढ़ का पानी

जल संसाधन विभाग के अनुसार नेपाल में आई बाढ़ का पानी गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज तक पहुंचा। इसके बाद बैराज में जलप्रवाह में करीब 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। विभाग के मुताबिक गुरुवार रात करीब 11 बजे जलप्रवाह के पीक पर पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो सकती है।

अधिकतम जलश्राव करीब दो लाख क्यूसेक रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है।

2026 में इससे अधिक रहा है जलप्रवाह

जल संसाधन विभाग ने बताया कि इस वर्ष 14 जुलाई को गंडक में अधिकतम जलश्राव 2.24 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था। वहीं वर्ष 2024 में 28 सितंबर को जलश्राव 5.62 लाख क्यूसेक तक पहुंचा था। ऐसे में मौजूदा स्थिति को फिलहाल सामान्य रहने की संभावना जताई गई है।

विभाग ने कहा कि बैराज, तटबंध और कंट्रोल रूम स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।

नेपाल में ग्लेशियर फटने की सूचना

उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नेपाल के तिब्बत से सटे क्षेत्र में ग्लेशियर फटने की सूचना मिली है। इसका पानी त्रिशूली नदी के रास्ते नारायणी नदी में पहुंच रहा है, जो बिहार में गंडक नदी के नाम से जानी जाती है।

नेपाल के आकलन के अनुसार देवघाट में नदी का जलस्तर करीब तीन मीटर तक बढ़ सकता है। फिलहाल वहां करीब 4.7 मीटर पानी है। तीन मीटर की वृद्धि होने पर जलस्तर करीब 7.7 मीटर तक पहुंच सकता है।

ढाई से पौने तीन लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है प्रवाह

विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार की ओर से फिलहाल गंडक में जलप्रवाह एक लाख क्यूसेक से कम है। नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी का आकलन करीब 1.5 से 2 लाख क्यूसेक किया गया है। ऐसे में कुल जलप्रवाह करीब 2.5 से 2.75 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन उपलब्ध आकलन के आधार पर सरकार पूरी तरह तैयार है और स्थिति को नियंत्रण से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।

राहत-बचाव की तैयारी पूरी

जल संसाधन विभाग और प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सामग्री और संसाधन तैयार रखने का दावा किया है। बैराज और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।

उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि घबराने या हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। सरकार स्थिति की जानकारी समय-समय पर आम लोगों तक पहुंचाती रहेगी।

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