नालंदा, 26 अगस्त । बिहार होमगार्ड क्लर्क परीक्षा के प्रश्नपत्र वायरल होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शिक्षिका को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान नालंदा जिले के बेन थाना क्षेत्र के देव बिगहा गांव निवासी चंद्रशेखर कुमार की पत्नी अनुष्का रानी उर्फ अंजू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की तस्वीरें बाहर भेजने के मामले में शिक्षिका की भूमिका सामने आई है।
नवादा में 12 जून को वायरल हुआ था प्रश्नपत्र
अनुष्का रानी नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय दोहड़ा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस ने उन्हें गुप्त सूचना के आधार पर गोविंदपुर स्थित बीआरसी से गिरफ्तार किया। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर पेपर लीक मामले की पूरी कड़ी खंगाल रही है।
नवादा नगर थानाध्यक्ष उमा शंकर सिंह के अनुसार, 12 जून को गृह रक्षा वाहिनी की अधिनायक लिपिक परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र वायरल होने की शिकायत सामने आई थी। परीक्षा नवादा नगर थाना क्षेत्र के दीक्षा पब्लिक स्कूल, मालगोदाम छाय रोड स्थित परीक्षा केंद्र संख्या 1412 पर आयोजित की गई थी।
परीक्षा के दौरान प्रतिनियुक्त स्टैटिक दंडाधिकारी सह प्रेक्षक ईश्वर प्रसाद की लिखित शिकायत पर नगर थाने में कांड संख्या 600/26 दर्ज किया गया था।
CCTV फुटेज ने खोली पूरी कहानी
जांच के दौरान पुलिस ने परीक्षा केंद्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर अनुष्का रानी तक पहुंचा गया।
पुलिस के मुताबिक, परीक्षा केंद्र के भीतर एक अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश और अनुपस्थित परीक्षार्थी की प्रश्न पुस्तिका से प्रश्नों की तस्वीरें लिए जाने की बात सामने आई है। इन तस्वीरों को मोबाइल फोन के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किए जाने का आरोप है।
केंद्राधीक्षक और शिक्षक समेत कई पर मिलीभगत का आरोप
प्रेक्षक की ओर से दर्ज प्राथमिकी में केंद्राधीक्षक गणेश पासवान, शिक्षक अजय कुमार और वीक्षक अनुष्का रानी की कथित मिलीभगत का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इनकी मिलीभगत से परीक्षा केंद्र के अंदर एक अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश कराया गया और वहां से प्रश्नों की तस्वीरें ली गईं।

नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
नगर थानाध्यक्ष उमा शंकर सिंह ने बताया कि परीक्षा की पारदर्शिता भंग करने और पेपर लीक की साजिश में शामिल होने के मामले में शिक्षिका की गिरफ्तारी की गई है। उनसे पूछताछ के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोपनीय प्रश्नपत्र की तस्वीरें परीक्षा केंद्र से बाहर कैसे पहुंचीं, उन्हें किसने वायरल किया और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क था या नहीं। वायरल प्रश्नपत्र की सत्यता और उसके प्रसार की पूरी कड़ी की भी जांच की जा रही है।
मामले में बिहार परीक्षा अधिनियम और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।






