लखनऊ, 16 अगस्त । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति सत्ता सुख प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा, त्याग और राष्ट्रहित का क्षेत्र है। व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर राजनीति में आदर्शों और मूल्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में पार्टी से ऊपर राष्ट्र को रखा।
मुख्यमंत्री रविवार को किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अटल स्मृति संध्या को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धेय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से किया गया।
‘अटल जी सदैव हमारे दिलों में बसे हैं’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सदैव लोगों के दिलों में बसे रहेंगे। उनकी निष्पक्ष राजनीति और राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत के कारण हर राजनीतिक दल के लोग उनका सम्मान करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीनों कार्यकाल के दौरान अटल जी ने राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इससे युवा पीढ़ी को अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने अटल जी की विदेश नीति और दृढ़ नेतृत्व क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया।

‘राजनीति में संवाद और मर्यादा जरूरी’ : ब्रजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में यदि अटल जी हमारे बीच होते तो सबसे पहले राजनीति में संवाद, मर्यादा और संयमित भाषा की आवश्यकता पर जोर देते।
उन्होंने कहा कि अटल जी मानते थे कि विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। सत्ता और विपक्ष लोकतंत्र के दो पहिए हैं। मतभेद लोकतंत्र को मजबूत करते हैं, जबकि मनभेद लोकतांत्रिक संवाद को कमजोर करते हैं।
पाठक ने कहा कि अटल जी की राजनीति सिखाती है कि विरोधी को पराजित करना राजनीति का अंतिम उद्देश्य नहीं है। विचारों के संघर्ष के बीच देश को आगे ले जाना ही राजनीति की वास्तविक कसौटी है।
उन्होंने अटल जी के विचारों को याद करते हुए कहा कि “राजनीति में मतभेद हों, मनभेद नहीं। सत्ता आएगी-जाएगी, सरकारें बनेंगी-बिगड़ेंगी, लेकिन देश और लोकतंत्र सबसे ऊपर रहना चाहिए।”
‘अटलवाणी’ ई-बुक का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी फाउंडेशन की ओर से तैयार ‘अटलवाणी’ ई-बुक का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अन्य अतिथियों ने किया। ई-बुक में अटल बिहारी वाजपेयी के विभिन्न वक्तव्यों को संकलित किया गया है।
अशोक चक्रधर ने साझा कीं अटल जी से जुड़ी यादें
पद्मश्री और प्रसिद्ध व्यंग्यकार अशोक चक्रधर ने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ अपनी मुलाकातों और व्यक्तिगत संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी से कई बार मिलने का अवसर मिला और उनका हमेशा आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
उन्होंने अटल जी के साथ बिताए कई प्रसंग साझा किए और अपनी कविताओं की प्रस्तुति से कार्यक्रम में समां बांधा।
‘अटल जी अजातशत्रु थे’ : दिनेश शर्मा
सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी की कार्यशैली को याद करते हुए कहा कि जनता से जुड़ने का उनका तरीका बेहद अनोखा था। यही कारण था कि वह भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता और राजनीतिक विरोधियों के बीच भी लोकप्रिय थे।
उन्होंने कहा कि विरोधी दलों के नेताओं के साथ भी अटल जी के मधुर संबंध रहे। इसी वजह से उन्हें ‘अजातशत्रु’ कहा जाता था। उनकी स्मृतियां आज भी कार्यकर्ताओं को राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए प्रेरित करती हैं।

अखिलेश यादव पर साधा निशाना
डॉ. दिनेश शर्मा ने सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि नहीं देने को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने रानी अवंती बाई को श्रद्धांजलि दी, लेकिन कुछ ही दूरी पर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देना उचित नहीं समझा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सैफई जाकर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने गए थे।
बड़ी संख्या में नेता और गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, दारा सिंह चौहान, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ और दयाशंकर सिंह समेत कई मंत्री, सांसद, विधायक और भाजपा नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद बृजलाल, अमरपाल मौर्य, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, अपर्णा यादव, भाजपा लखनऊ जिला अध्यक्ष विजय मौर्य, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।






