रांची, 16 अगस्त । पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर शनिवार को झारखंड में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। रांची स्थित विधानसभा परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित भाजपा के कई नेताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झारखंड भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, मेयर रोशनी खलखो समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘झारखंड अटल जी का ऋणी रहेगा’
इस अवसर पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे राजनेता थे, जिनका कोई राजनीतिक शत्रु नहीं था। विपक्ष के नेता भी उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली की प्रशंसा करते थे।
उन्होंने कहा कि झारखंड के गठन का श्रेय अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है। मरांडी के मुताबिक, झारखंड के गठन के समय कई चुनौतियां थीं और बिहार की तत्कालीन सत्ता में बैठे लोग अलग राज्य बनाए जाने के विरोध में थे। लेकिन अटल जी के नेतृत्व और दृढ़ निर्णय के सामने विरोध टिक नहीं सका।
उन्होंने कहा कि यही वजह है कि पूरा झारखंड अटल बिहारी वाजपेयी का ऋणी रहेगा।

‘देशहित को सत्ता से ऊपर रखा’
बाबूलाल मरांडी ने अटल बिहारी वाजपेयी के भाषणों और कविताओं को याद करते हुए कहा कि संसद के भीतर हो या बाहर, उनका वक्तव्य बेहद प्रभावशाली होता था। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने सत्ता की चिंता से अधिक देशहित को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि कई दलों के समर्थन से चल रही सरकार के बावजूद वाजपेयी ने पोखरण में परमाणु परीक्षण जैसा साहसिक निर्णय लिया। उनका उद्देश्य भारत को सामरिक रूप से मजबूत बनाना था।
कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, उनके राष्ट्रहित में किए गए कार्यों और झारखंड के गठन में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।






