नई दिल्ली, 15 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकास की रफ्तार तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने देश की प्रगति के लिए सप्तशक्ति को मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने सप्तशक्ति में उत्पादन, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक एवं नवाचार, गति शक्ति, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, हरित अर्थव्यवस्था और भारत की सॉफ्ट पावर को शामिल किया।
युवाओं को विकसित भारत से जोड़ने पर जोर
प्रधानमंत्री ने युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य का सबसे बड़ा लाभार्थी बताते हुए कहा कि उन्हें इस अभियान से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं को ‘दिमागी नक्सलियों’ से सावधान रहने की अपील भी की।
मोदी ने कहा कि देश को सशस्त्र नक्सलवाद से निपटने में सफलता मिली है, लेकिन अब समाज में अराजकता फैलाने वाली विचारधाराओं को पहचानकर उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में आत्मनिर्भर भारत की जरूरत और बढ़ गई है। दुनिया में आपूर्ति शृंखला को हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने तेल और खनिज भंडारों की खोज के लिए 85 हजार करोड़ रुपये की ‘समुद्र मंथन’ योजना शुरू करने की घोषणा का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का अभी पर्याप्त इस्तेमाल नहीं हुआ है।
एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण
प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि देश में एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए ऐसे खेलों में प्रतिभा खोज कार्यक्रम चलाने की बात कही, जिनमें भारत की अभी पर्याप्त भागीदारी नहीं है। इसके तहत 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रतिभा तलाशने पर जोर दिया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी कोचिंग का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल बुनियादी ढांचे के जरिए देशभर के बच्चों के लिए ऑनलाइन कोचिंग का व्यापक तंत्र तैयार किया जाएगा।
महिलाओं के आरक्षण विधेयक पर दलों से सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित विधेयक को पारित कराने में सहयोग की अपील की। उन्होंने आगामी जनगणना में लोगों से सहयोग करने और पूछे जाने वाले सवालों के लिए तैयार रहने का भी आह्वान किया।
अपने करीब सवा घंटे के संबोधन में प्रधानमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में बनाई गई योजनाओं ने वैश्विक संकटों के बीच भारत को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने देशवासियों से सपनों को संकल्प, संकल्प को सामर्थ्य और सामर्थ्य को सफलता में बदलने का आह्वान किया।






