–भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
रांची, 07 अगस्त। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली के मुद्दे पर सियासत गरमा गई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की।
विधानसभा परिसर के बाहर नारेबाजी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
छात्रों के आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन
विधायकों ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। विपक्ष ने कहा कि छात्रों की जायज मांगें ही उनकी भी मांगें हैं।
पेपर लीक और खरीद-फरोख्त के आरोप
विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य में केवल पेपर लीक ही नहीं, बल्कि नौकरियों और प्रश्नपत्रों की कथित खरीद-फरोख्त तक की स्थिति बन गई है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला
प्रदर्शन के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार सुधार के लिए कदम नहीं उठाती है, तो कांग्रेस को ऐसी सरकार से अलग हो जाना चाहिए।
मानसून सत्र में गूंजेगा मुद्दा
राजग विधायकों ने स्पष्ट किया कि जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। विपक्ष ने सरकार से युवाओं के हित में स्पष्ट जवाब और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।






