पटना। बिहार में नीट पेपर लीक को लेकर हुए छात्र आंदोलनों के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने 1 और 2 अगस्त को राज्य के छह जिलों में फैक्ट फाइंडिंग अभियान शुरू किया है। इसके तहत गठित टीमें पटना, जहानाबाद, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और सीवान का दौरा करेंगी।
सांसद-विधायकों की टीमें करेंगी जांच
कांग्रेस की ओर से गठित इन टीमों में सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने बताया कि इन टीमों का उद्देश्य छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई का तथ्यात्मक आकलन करना है।
टीमें संबंधित जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करेंगी और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवाल उठाएंगी।
छात्रों और परिजनों से भी होगी बातचीत
फैक्ट फाइंडिंग टीम गिरफ्तार, हिरासत में लिए गए और प्रभावित छात्रों से मुलाकात करेगी। जहां संभव होगा, वहां जेल में बंद छात्रों से भी बातचीत की जाएगी। इसके अलावा छात्रों के परिजनों से भी जानकारी जुटाई जाएगी।
टीमें उन स्थानों का भी दौरा करेंगी, जहां पुलिस कार्रवाई हुई थी, ताकि घटनाओं की वास्तविक स्थिति समझी जा सके।
सबूत जुटाकर तैयार होगी रिपोर्ट
जांच के दौरान टीमें एफआईआर की कॉपी, मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य एकत्र करेंगी। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों, वकीलों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत की जाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि यह भी जांचा जाएगा कि पुलिस ने जरूरत से अधिक बल का प्रयोग किया या किसी छात्र को गलत तरीके से फंसाया गया।
संयुक्त रिपोर्ट होगी सार्वजनिक
राजेश राठौड़ के मुताबिक, सभी छह जिलों की रिपोर्ट को मिलाकर एक समेकित ‘बिहार फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट’ तैयार की जाएगी। इसे पटना और नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सार्वजनिक किया जाएगा।

अलग-अलग जिलों में नेताओं को जिम्मेदारी
- जहानाबाद: प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, विधायक अभिषेक रंजन
- पटना: कन्हैया कुमार, उदय भानु
- भागलपुर: सांसद मोहम्मद जावेद, शकील अहमद खान, कमरूल होदा, अब्दुर रहमान
- दरभंगा: मदन मोहन झा, सुप्रिया श्रीनेत, जयवर्धन सिंह
- पूर्णिया: पप्पू यादव, रागिनी नायक, मनोज बिस्वास
- सीवान: मनोज राम, विनोद जाखड़, इमरान प्रतापगढ़ी, विक्रांत भूरिया
‘पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया कि छात्रों पर वाटर कैनन, आंसू गैस, लाठीचार्ज और गोलीबारी जैसी कार्रवाई की गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा सुधार और पेपर लीक पर रोक की मांग कर रहे थे।
मुआवजे और निष्पक्ष जांच की मांग
राजेश राम ने गोली से घायल छात्रों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। साथ ही उनके इलाज, शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी राज्य सरकार से उठाने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि वे खुद एक घायल छात्र से अस्पताल के आईसीयू में मिले, जिसकी हालत गंभीर है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।






