तेहरान/वाशिंगटन/कुवैत सिटी/सना, 23 जुलाई। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव और तेज हो गया है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशहर पर हवाई हमला किया, जबकि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है। बढ़ते खतरे को देखते हुए कुवैत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, बुशहर प्रांत के गवर्नर मोहम्मद मुजफ्फरी ने बताया कि अमेरिकी हमले के बाद इलाके में जोरदार विस्फोट हुआ और राहत एवं आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गईं। बुशहर शहर फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है और यहां ईरान का एकमात्र संचालित नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र मौजूद है, जिसे रूस के सहयोग से विकसित किया गया है।
उधर, अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों का नया दौर शुरू किया गया है। सेंटकॉम के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह वाणिज्यिक और नागरिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
इस बीच कुवैत की सेना ने संभावित ड्रोन हमलों के मद्देनजर पूरे देश में वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी है। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि ड्रोन को मार गिराने के दौरान होने वाले विस्फोटों की आवाज से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ ने कहा कि यदि ईरान को सुरक्षा की ठोस गारंटी नहीं मिलती है, तो क्षेत्र में स्थिरता संभव नहीं होगी। वहीं, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 27 जून से अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 53 लोगों की मौत हो चुकी है।
इसी बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के ‘एन्सेलिया’ और ‘लायला’ नामक दो तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने सऊदी अरब के अल-शुकाइक तट से लगभग 70 नॉटिकल मील (करीब 130 किलोमीटर) दूर एक तेल टैंकर पर हमले की पुष्टि की है। घटना की जांच जारी है।
लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते खतरे के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति और अधिक संवेदनशील होती जा रही है।






