पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने इन फैसलों की जानकारी दी।
बक्सर के वामन मंदिर का होगा विकास और सौंदर्यीकरण
कैबिनेट ने बक्सर स्थित केंद्रीय कारा परिसर में अवस्थित भगवान वामन मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत मंदिर परिसर की भूमि को सुरक्षित रखने, चहारदीवारी निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था और समग्र विकास कार्य किए जाएंगे।
पांच नए केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी सरकार
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक विद्यालय को पांच-पांच एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।
ये विद्यालय निम्न स्थानों पर स्थापित होंगे—
- पूर्णिया पूर्व (मौजा-मधुबनी)
- राजगीर (मौजा-पिलखी)
- शेखपुरा (मौजा-नीमी)
- मधेपुरा (मौजा-साहुगढ़)
- मधुबनी जिले के राजनगर अंचल स्थित सतिहारपुर
सरकार का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी।
31 बस स्टैंड पीपीपी मॉडल पर होंगे आधुनिक
राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
इस योजना में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी और किशनगंज सहित कई जिलों के बस स्टैंड शामिल हैं। यहां आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, पार्किंग, डिजिटल सेवाएं और बेहतर यातायात प्रबंधन विकसित किया जाएगा।
‘सोमनाथ यात्रा’ के लिए भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की अटूट आस्था’ के अवसर पर बिहार के लगभग 1100 श्रद्धालुओं के लिए 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय ‘सोमनाथ यात्रा’ आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार यात्रा के सफल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी।
पंचायती राज संस्थाओं को मिलेंगे 51,923 करोड़ रुपये
ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाले 51,923 करोड़ रुपये के बेसिक और निष्पादन अनुदान के वितरण और उपयोग को मंजूरी दी गई।
इस राशि का उपयोग ग्रामीण सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव और अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा।
विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ
राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग कार्य संचालन (संशोधन) नियमावली-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई।
पटना नगर निगम 200 करोड़ का बॉन्ड जारी करेगा
पटना नगर निगम को सड़क अतिक्रमण, अनियमित वेंडिंग और अन्य शहरी समस्याओं के समाधान के लिए 200 करोड़ रुपये तक के नगर निगम बॉन्ड जारी करने की स्वीकृति दी गई।
मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ी
कैबिनेट ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत अकुशल मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने का निर्णय लिया। अब सात घंटे के कार्य के लिए मिट्टी कटाई की मजदूरी 256 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है।
पटना जू में बनेंगे 23 नए पद
पटना जू प्रबंधन एवं विकास समिति के सुचारु संचालन के लिए 23 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इनमें एक नियमित और 22 संविदा आधारित पद शामिल हैं।
इसके अलावा शास्त्री नगर स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान की निलंबित राजस्व पदाधिकारी सोनी कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
वीरपुर एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
सुपौल जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वीरपुर हवाई अड्डे के विकास के लिए 88.83 एकड़ भूमि के मुआवजे हेतु 29.56 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
साथ ही राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों, भूमि अधिग्रहण और आधारभूत संरचना विकास के लिए बिहार आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण (BIADA) को राज्य सरकार की गारंटी पर वित्तीय संस्थानों से 25 हजार करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण प्राप्त करने की अनुमति दी गई।
विकास को नई गति देने का दावा
राज्य सरकार का कहना है कि कैबिनेट के इन फैसलों से बिहार में धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना, रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी।






