नई दिल्ली, 05 जून — भारतीय वायु सेना में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 51वें वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (उप वायु सेना प्रमुख) का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लिया, जो लगभग चार दशकों की सेवा के बाद 30 जून को सेवानिवृत्त हुए।
आधुनिकीकरण के अहम दौर में मिली जिम्मेदारी
एयर मार्शल दीक्षित की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब भारतीय वायु सेना आधुनिकीकरण और अपनी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उनसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी परियोजनाओं को गति देने की उम्मीद की जा रही है।
अनुभवी फाइटर पायलट और टेस्ट फ्लायर
एयर मार्शल दीक्षित एक अनुभवी फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। उन्होंने मिग-21, मिग-29 और मिराज-2000 जैसे विभिन्न लड़ाकू विमानों को उड़ाया है। अपने करियर में वे 20 से अधिक प्रकार के विमानों पर करीब 3300 घंटे की उड़ान भर चुके हैं। उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर और ऑपरेशन रक्षक में भी हिस्सा लिया है।
स्वदेशी परियोजनाओं को दिया बढ़ावा
उप वायु सेना प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एलसीए मार्क-1ए, मार्क-2 और एएमसीए जैसी महत्वपूर्ण स्वदेशी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने वायु सेना में नई तकनीकों के समावेश और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया।
तीनों सेनाओं के एकीकरण में निभाई भूमिका
वाइस चीफ का पद संभालने से पहले एयर मार्शल दीक्षित चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के रूप में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय और संयुक्त सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समृद्ध सैन्य करियर और नेतृत्व अनुभव
एयर मार्शल दीक्षित केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ और दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान में वरिष्ठ पदों पर भी रह चुके हैं। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (पुणे) और वायु सेना अकादमी (डुंडीगल) के पूर्व छात्र हैं। इसके अलावा उन्होंने बांग्लादेश के रक्षा सेवा कमान एवं स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज से भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित
1986 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त करने वाले एयर मार्शल दीक्षित को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, वायु सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
आधुनिकीकरण और खरीद प्रक्रियाओं की जिम्मेदारी
उप वायु सेना प्रमुख के रूप में एयर मार्शल दीक्षित भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण, नई खरीद प्रक्रियाओं और आपातकालीन शक्तियों के तहत किए जाने वाले रक्षा अधिग्रहण की निगरानी करेंगे। उनसे वायु सेना की ताकत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद की जा रही है।






