पूर्वी सिंहभूम, 01 जुलाई — करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद झारखंड सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (एसपी) निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है। दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि दोनों पति-पत्नी हैं।
कोल्हान क्षेत्र में हाई अलर्ट, वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती
राज्य सरकार ने कोल्हान क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर विशेष निगरानी के लिए एडीजी मनोज कौशिक, कोल्हान आयुक्त रवि रंजन विक्रम और डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा को जिम्मेदारी सौंपी है। तीनों वरिष्ठ अधिकारी जमशेदपुर में कैंप कर हालात की लगातार समीक्षा करेंगे।
थाना प्रभारी निलंबित, समन्वय की कमी उजागर
इससे पहले बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह निरंजन कुमार को नया थाना प्रभारी बनाया गया है। जांच में सामने आया कि घटना के दौरान सीसीआर वैन और थाना पुलिस के बीच समन्वय का अभाव था। सूचना मिलने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई और थाना प्रभारी घटनास्थल पर देर से पहुंचे।
डबल डाउन बार का लाइसेंस रद्द, परिसर सील
प्रशासन ने घटना स्थल डबल डाउन (डीडी) बार का लाइसेंस रद्द करते हुए पूरे परिसर को सील कर दिया है।
परिजनों का विरोध, एनकाउंटर की मांग
मंगलवार देर रात तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय आदित्यपुर स्थित हिमांशु सिंह के आवास पहुंचे और परिजनों से अंतिम संस्कार करने का अनुरोध किया, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बुधवार शाम 5 बजे तक मुख्य आरोपी का एनकाउंटर नहीं हुआ तो शहर में चक्का जाम किया जाएगा।
सीएम और डीजीपी का आश्वासन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने मृतक के पिता अरविंद सिंह से फोन पर बात कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं हमले में गंभीर रूप से घायल प्रत्युष का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जांच तेज, एक आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में गम्हरिया से अर्जुन लोहार को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। इससे पहले सोनू मंडल और राज लोहार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
कैसे हुई वारदात?
गौरतलब है कि 27 जून की रात डबल डाउन बार में छेड़खानी को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। हिमांशु सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे थे। बाद में बाउंसरों ने मामला शांत करा दिया, लेकिन कुछ देर बाद पार्किंग में लौटते समय 6-7 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि पुलिस वैन में बैठाए जाने के बावजूद हमलावरों ने उन्हें बाहर खींचकर चाकू और चापड़ से हमला किया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की 29 जून को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई।
सीएम का बयान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और अपराध पर नियंत्रण नहीं कर पाने के कारण दोनों अधिकारियों को हटाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






