पटना, 01 जुलाई — बिहार में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए सम्राट चौधरी सरकार ने एक साथ 427 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। मंगलवार देर रात जारी इस सूची के बाद सरकारी महकमे में हलचल तेज हो गई। स्थिति यह रही कि सूची जारी होते ही बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट तक हैंग हो गई।
कई विभागों में बड़े पैमाने पर बदलाव
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सबसे ज्यादा तबादले समाज कल्याण विभाग में किए गए हैं, जहां 151 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) का स्थानांतरण हुआ है। वहीं ग्रामीण विकास विभाग में 68 प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) का तबादला किया गया है।
इसके अलावा सहकारिता, भवन निर्माण, स्वास्थ्य, श्रम एवं संसाधन, पशु एवं मत्स्य संसाधन, पथ निर्माण और सामान्य प्रशासन विभागों में भी व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है।
विभागवार तबादलों का विवरण
- समाज कल्याण विभाग: 151 सीडीपीओ
- ग्रामीण विकास विभाग: 68 बीडीओ
- सहकारिता विभाग: 58 अधिकारी
- भवन निर्माण विभाग: 30 अभियंता
- स्वास्थ्य विभाग: 03 डॉक्टर
- श्रम एवं संसाधन विभाग: 117 पदाधिकारी
इसके अतिरिक्त राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पहले ही दो चरणों में 150 से अधिक अंचलाधिकारियों (सीओ) का तबादला किया जा चुका है।
जून बना ‘ट्रांसफर सीजन’
बिहार में हर साल जून का महीना प्रशासनिक तबादलों के लिए अहम माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तय की गई व्यवस्था के तहत विभागीय स्तर पर इसी महीने बड़े पैमाने पर तबादले किए जाते हैं। यह परंपरा सम्राट चौधरी सरकार में भी जारी है।
जुलाई के पहले सप्ताह में भी जारी रहती है प्रक्रिया
प्रशासनिक नियमों के अनुसार जिन विभागों में 30 जून तक तबादले पूरे नहीं हो पाते, उनके लिए जुलाई के पहले सप्ताह में बैक डेट से अधिसूचनाएं जारी की जाती हैं। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाता है।
सियासी हलचल भी तेज
इतने बड़े पैमाने पर हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को लेकर राज्य की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी तबादलों को लेकर सियासी बयानबाजी और अटकलों का दौर शुरू हो गया है।






