तेहरान/वाशिंगटन: ईरान ने साफ कहा है कि कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत तय नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का कतर दौरा अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात से जुड़ा नहीं है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के उलट है, जिसमें उन्होंने दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता होने की बात कही थी।
ईरान ने अमेरिका के दावे को किया खारिज
फार्स न्यूज एजेंसी और अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्माइल बघाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बैठक या बातचीत तय नहीं है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी प्रतिनिधियों का कतर दौरा और ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा आपस में संबंधित नहीं हैं। बघाई ने यह भी कहा कि किसी बड़े समझौते पर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है।
समझौते की शर्तों पर अटका मामला
बघाई के अनुसार, प्रस्तावित एमओयू (समझौता ज्ञापन) के तहत अंतिम समझौते की प्रक्रिया 14 सूत्री सहमति पत्र के कुछ प्रमुख बिंदुओं—1, 4, 5, 10 और 11—के लागू होने पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि इसमें यह शर्त भी शामिल है कि अमेरिका को ईरान के फ्रीज किए गए फंड और संपत्तियों को तय प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराना होगा।
व्हाइट हाउस ने बातचीत की पुष्टि की
इस बीच, व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर मंगलवार को दोहा जाएंगे। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक साक्षात्कार में बताया कि यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है और ट्रंप प्रशासन शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहता है। उन्होंने ईरान से समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की।
विरोधाभासी बयानों से बढ़ी अनिश्चितता
अमेरिका और ईरान के अलग-अलग बयानों ने मध्य पूर्व की कूटनीति में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। जहां एक ओर ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बैठक का दावा किया, वहीं ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इससे वार्ता की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कतर इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच संपर्क बनाए हुए है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति बेहतर
तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में पिछले 24 घंटों में हालात पहले से बेहतर हुए हैं। मरीन ट्रैफिक डेटा के अनुसार, इस दौरान 25 कमर्शियल जहाज इस मार्ग से गुजरे। इनमें छह ऑयल टैंकर और आठ कार्गो जहाज फारस की खाड़ी से बाहर गए, जबकि पांच टैंकर और छह कार्गो जहाज खाड़ी में दाखिल हुए।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनी हुई है और कूटनीतिक स्तर पर आगे की दिशा को लेकर सस्पेंस बरकरार है।






