कोल्हापुर में गरजे अमित शाह, बोले- भारत कोई धर्मशाला नहीं, घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, वोट बैंक की राजनीति नहीं चलेगी

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कोल्हापुर, 20 जून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है और देश में अवैध रूप से रहने वाले घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।

शनिवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आयोजित एक कृतज्ञता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

घुसपैठ पर सख्त रुख

गृह मंत्री ने कहा कि भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

विपक्ष की नीतियों पर सवाल

अमित शाह ने विपक्षी दलों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ नेता चुनावी लाभ के लिए ऐसे मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के नागरिकों के हितों की रक्षा करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।

महाराष्ट्र की राजनीति पर भी बोले शाह

अपने संबोधन में अमित शाह ने महाराष्ट्र की राजनीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने शिवसेना के विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं और अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को व्यापक समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणामों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को जनता का जो समर्थन मिला है, वह पार्टी के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है।

शिवसेना के दोनों गुटों में जारी है राजनीतिक टकराव

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में इस समय शिवसेना (यूबीटी) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और बयानबाजी तेज है। दोनों पक्ष संगठन विस्तार और जनसमर्थन को लेकर लगातार सक्रिय हैं, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल बनी हुई है।

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