सीवान, 17 जून। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) परीक्षा के दौरान सीवान में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे दो फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कूटरचित दस्तावेज, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।
दो परीक्षा केंद्रों से हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक Puran Kumar Jha ने बताया कि 17 जून को आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा की प्रथम और द्वितीय पाली के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर परीक्षा केंद्र तथा दाउद मेमोरियल उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस टीम ने दो संदिग्ध अभ्यर्थियों को पकड़कर पूछताछ की।
गिरफ्तार युवकों की पहचान पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र निवासी त्रिलोकी कुमार के पुत्र सियाराम कुमार तथा जहानाबाद जिले के मंजोश थाना क्षेत्र निवासी राजेश्वर यादव के पुत्र गौतम कुमार के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच के दौरान दोनों आरोपियों के पास से मिले प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे।
पुलिस ने उनके पास से कई संदिग्ध और कूटरचित दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
मोतिहारी और गोपालगंज में भी दे चुके थे परीक्षा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। दोनों ने स्वीकार किया कि वे इससे पहले भी दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे चुके हैं।
आरोपियों के अनुसार, 14 जून को मोतिहारी और गोपालगंज में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में भी वे फर्जी अभ्यर्थी बनकर शामिल हुए थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
एसपी पुरन कुमार झा ने कहा कि मामला केवल दो फर्जी परीक्षार्थियों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सक्रिय एक संगठित गिरोह की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि:
- वास्तविक अभ्यर्थी कौन हैं,
- उन्हें परीक्षा में बैठाने की व्यवस्था किसने की,
- फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए,
- और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मास्टरमाइंड की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही संभावित मास्टरमाइंड और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






