राम मंदिर चंदा चोरी केस में बड़ा एक्शन: SIT टीम अयोध्या पहुंची, जांच शुरू; अखिलेश के बयान से बढ़ा विवाद

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अयोध्या, 16 जून: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार सुबह SIT की टीम मंदिर परिसर पहुंची और गणना कक्ष से अपनी पड़ताल की शुरुआत की।

SIT गठन के बाद जांच तेज

राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार का SIT गठन का फैसला सराहनीय है। उन्होंने कहा कि शनिवार को निर्णय लिया गया था और रविवार अवकाश होने के कारण टीम को आधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं मिल पाया था, जो सोमवार सुबह जारी कर दिया गया।

सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट का निर्देश

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर गठित SIT को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। SIT के अध्यक्ष लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत बनाए गए हैं। इसके अलावा आईपीएस अधिकारी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को सदस्य बनाया गया है।

अफवाहों से बचने की अपील

नृपेंद्र मिश्रा ने लोगों से अपील की कि SIT गठन को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और ट्रस्ट पूरी तरह सहयोग करेगा।

आपराधिक जांच के साथ सुधारात्मक कदम भी

उन्होंने कहा कि इस मामले में न केवल आपराधिक जांच की जाएगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदमों पर भी ध्यान दिया जाएगा। ट्रस्ट, जिला प्रशासन और SIT मिलकर कार्रवाई करेंगे।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के सेवादारों और कर्मचारियों से पूछताछ को सनातन धर्म का अपमान बताया और सुझाव दिया कि इस मामले को निजी तौर पर सुलझाया जाना चाहिए।

संदिग्ध से पूछताछ, नकदी बरामद

SIT गठन से पहले स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने रुदौली क्षेत्र के मीनापुर फगौली गांव निवासी लव कुश मिश्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। वह मंदिर के दानपात्र में जमा चढ़ावे की राशि की गणना से जुड़ा हुआ था।

जांच के दौरान उसके घर से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, जिन्हें कथित तौर पर गोबर के भीतर छिपाकर रखा गया था। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज और वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और ट्रस्ट इस दिशा में पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेगा।

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