ब्रिक्स प्रतिनिधियों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में किया दर्शन-पूजन, सारनाथ का भी किया भ्रमण

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वाराणसी, 06 जून: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में आयोजित ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की दो दिवसीय बैठक के बाद सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे विदेशी मेहमान

प्रतिनिधियों ने काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के ज्योर्तिलिंग का विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

भारतीय संस्कृति से हुए रूबरू

विदेशी मेहमानों ने इस दौरान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को करीब से जाना। उन्होंने वाराणसी की प्राचीन परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व में गहरी रुचि दिखाई।

कई देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल

बैठक में ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि इथियोपिया, मिस्र और रूस के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

मंदिर परिसर में ली सामूहिक तस्वीर

दर्शन के बाद प्रतिनिधियों ने मंदिर चौक में बाबा के स्वर्णिम शिखर के सामने सामूहिक फोटो भी खिंचवाई। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से उन्हें स्मृतिचिह्न भेंट किए गए।

सारनाथ में बौद्ध धरोहर का अवलोकन

इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण किया। वहां धम्मेक स्तूप सहित विभिन्न बौद्ध स्थलों का अवलोकन किया और स्तूप की परिक्रमा कर बौद्ध दर्शन की अनुभूति प्राप्त की।

ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर का दौरा

प्रतिनिधियों ने बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर का भी दौरा किया, जहां उन्होंने पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और स्थानीय कला-संस्कृति को देखा और सराहा।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली।

यह दौरा ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने और भारत की समृद्ध परंपरा को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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