पटना: बिहार में होने वाले कैबिनेट विस्तार से पहले सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार पर सहयोगी दल जनता दल (यू) ने बड़ा दबाव बना दिया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने साफ तौर पर कहा है कि पार्टी को मंत्रिमंडल में 16 पद चाहिए।
दरअसल, हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा का रुख किया, जिसके बाद भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने राज्य की कमान संभाली। फिलहाल मंत्रिमंडल छोटा है और जेडीयू के कुछ ही नेता इसमें शामिल हैं।
गुरुवार को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है, जिसमें नरेंद्र मोदी और अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में सहयोगी दलों के बीच हिस्सेदारी को लेकर खींचतान तेज हो गई है।
संवैधानिक प्रावधान के अनुसार, बिहार में अधिकतम 30 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं। ऐसे में जेडीयू की 16 पदों की मांग ने भाजपा के सामने संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी कर दी है। एनडीए के अन्य सहयोगी दल—लोजपा (रामविलास), हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा भी अपने हिस्से की मांग कर रहे हैं।
वहीं, निशांत कुमार की संभावित एंट्री को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं। हालांकि उन्होंने फिलहाल संगठन पर फोकस करने का संकेत दिया है।
अब नजर इस बात पर है कि सम्राट चौधरी गठबंधन के भीतर संतुलन कैसे बनाते हैं और किसे कितनी जगह मिलती है।





