नई दिल्ली, 07 मई — नरेन्द्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, पराक्रम और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
“भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब”
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि एक वर्ष पहले भारतीय सेना ने पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए हमले का जवाब अद्वितीय साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ दिया था।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेनाओं की पेशेवर क्षमता, तैयारी और आपसी समन्वय को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।
आत्मनिर्भर भारत की ताकत का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस अभियान ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान की बढ़ती ताकत को भी दर्शाया है, जिससे देश की सुरक्षा और मजबूत हुई है।
उन्होंने दोहराया कि भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले तंत्र को समाप्त करने के अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग है।
संस्कृत सुभाषित के जरिए सैनिकों का सम्मान
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया—
“उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत।
यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्।।”
इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस सेना में उत्साह और साहस से भरे योद्धा हों तथा जिनके संसाधन सशक्त हों, उसकी विजय निश्चित होती है।
सोशल मीडिया पर डीपी बदलने की अपील
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और सशस्त्र बलों के सम्मान में X, Facebook, Instagram और WhatsApp पर साझा की गई तस्वीर को अपनी डिस्प्ले पिक्चर बनाएं।





