रांची। रांची के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अत्याधुनिक न्यूरो फिजियोलॉजी लैब का उद्घाटन किया गया। इस नई सुविधा से अब मरीजों को जटिल न्यूरोलॉजिकल जांच के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
सिविल सर्जन ने किया उद्घाटन
लैब का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने किया। इस मौके पर उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह भी उपस्थित रहे। अधिकारियों के अनुसार, यह राज्य के जिला अस्पतालों में अपनी तरह की पहली आधुनिक सुविधा है।
विशेषज्ञों की निगरानी में संचालन
लैब के संचालन और तकनीकी मार्गदर्शन की जिम्मेदारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा और डॉ. अहमद हुसैन को सौंपी गई है, जिससे मरीजों को विशेषज्ञ स्तर की जांच सुविधा मिल सकेगी।
उपलब्ध होंगी ये अत्याधुनिक जांच
इस लैब में कई महत्वपूर्ण न्यूरोलॉजिकल जांच अब स्थानीय स्तर पर संभव होंगी, जिनमें शामिल हैं:
- एनसीएस (नर्व कंडक्शन स्टडी)
- ईईजी (इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम)
- ईएमजी (इलेक्ट्रोमायोग्राफी)
- वीईपी (विजुअल एवोक्ड पोटेंशियल)
- आरएनएसटी (रीपिटेटिव नर्व स्टिमुलेशन टेस्ट)
अब तक ये सुविधाएं झारखंड के जिला अस्पतालों में उपलब्ध नहीं थीं, जिससे मरीजों को बाहर जाना पड़ता था।
मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा
डॉक्टरों के अनुसार, यह लैब मिर्गी, नसों और मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियों के सटीक निदान में सहायक होगी। साथ ही, बच्चों में श्रवण संबंधी समस्याओं की पहचान और इलाज में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ट्रॉमा मरीजों के लिए भी उपयोगी
ट्रॉमा के मामलों में यह लैब बेहद कारगर साबित होगी, क्योंकि इससे नसों की क्षति और अंदरूनी चोटों का समय पर पता लगाया जा सकेगा। इससे इलाज की प्रक्रिया तेज और प्रभावी होगी, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।






