अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी, बिहार में लू का खतरा; मौसम विभाग का येलो अलर्ट

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India Meteorological Department की चेतावनी—18 अप्रैल से पछुआ हवाएं बनेंगी लू; Dehri-on-Sone सबसे गर्म, कई जिलों में तापमान 42–43°C तक पहुंचने की संभावना

पटना: बिहार में गर्मी ने अप्रैल में ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य में मौसम का मिजाज ऐसा हो गया है मानो मई-जून की तपिश समय से पहले ही दस्तक दे चुकी हो। बढ़ते तापमान और शुष्क हवाओं के कारण लू का खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए India Meteorological Department (आईएमडी) ने येलो अलर्ट जारी किया है।

डेहरी बना सबसे गर्म शहर

सोमवार को रोहतास जिले का Dehri-on-Sone राज्य का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इसके चलते बिहार के कई शहर जल्द ही 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू सकते हैं।

हालांकि Valmiki Nagar अपेक्षाकृत ठंडा रहा, लेकिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और शुष्क हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है।

18 अप्रैल से चलेंगी पछुआ हवाएं, बढ़ेगा लू का प्रकोप

आईएमडी के अनुसार, 17 अप्रैल तक बारिश की संभावना नहीं है। 18 अप्रैल से पछुआ हवाएं चलने लगेंगी, जो लू का रूप धारण कर सकती हैं। इसके मद्देनजर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

संभावित रूप से प्रभावित जिलों में Buxar, Bhojpur, Aurangabad, Gaya और Nawada शामिल हैं।

पटना में भी बढ़ेगी तपिश

राजधानी Patna में भी दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरे रहने के आसार हैं। तेज पछुआ हवाएं और बढ़ता तापमान लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। रात के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ेगी।

सुबह से ही तेज होंगे सूरज के तेवर

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब सुबह 7 बजे से ही धूप तीखी होने लगेगी। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक का समय सबसे खतरनाक रहेगा। इस दौरान हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें।
  • सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें।
  • दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

येलो अलर्ट का अर्थ

मौसम विभाग द्वारा जारी ‘येलो अलर्ट’ का मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है, ताकि लू के प्रभाव से बचा जा सके।

बिहार में गर्मी का यह रौद्र रूप फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में सतर्कता और बचाव ही इस भीषण मौसम से सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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