रांची विश्वविद्यालय के ILS में अव्यवस्था पर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों को किया तलब, नामांकन पर रोक बरकरार

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रांची, 09 अप्रैल। झारखंड उच्च न्यायालय ने रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (ILS) में व्याप्त अव्यवस्थाओं को गंभीर मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश

अदालत ने उच्च शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के प्रधान सचिव, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के सचिव, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, डीन और ILS के निदेशक को शुक्रवार को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

प्रोफेसरों की नियुक्ति पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संस्थान में नियमित प्रोफेसरों की नियुक्ति नहीं होने पर नाराजगी जताई। विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि ILS में स्वीकृत पद नहीं हैं और नियुक्तियां जेपीएससी के माध्यम से की जाती हैं, जिस पर अदालत ने असंतोष व्यक्त किया।

नामांकन पर रोक बरकरार

अदालत ने स्पष्ट किया कि अगले सत्र के लिए ILS में नए छात्रों के नामांकन पर पहले से लगी रोक जारी रहेगी। फिलहाल इस प्रतिबंध को हटाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है।

BCI मानकों का उल्लंघन

मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। संस्थान में पर्याप्त लाइब्रेरी, योग्य प्रिंसिपल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी पाई गई है।

418 छात्रों का भविष्य अधर में

याचिकाकर्ता के अनुसार, संस्थान की लापरवाही के कारण करीब 418 छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। यह मामला छात्रों के हितों से सीधे जुड़ा हुआ है।

सुधार के निर्देश के बावजूद कार्रवाई नहीं

BCI ने अक्टूबर 2025 में संस्थान को छह महीने के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बावजूद कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।

अगली सुनवाई 10 अप्रैल को

मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जहां अदालत आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकती है।

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