पटना:बिहार की राजनीति इन दिनों निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सामने आए संभावित शेड्यूल से संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की पूरी पटकथा लगभग तैयार हो चुकी है।
6 से 18 अप्रैल तक तय होगा सियासी भविष्य
सूत्रों के मुताबिक, 6 अप्रैल से शुरू होने वाला घटनाक्रम 18 अप्रैल तक अपने अंजाम तक पहुंच सकता है। इन 10–12 दिनों को बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
संभावित पूरा शेड्यूल इस प्रकार:
- 6 अप्रैल: जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक
- 9 अप्रैल: दिल्ली दौरा, राष्ट्रीय परिषद बैठक और Amit Shah से मुलाकात संभव
- 10 अप्रैल: राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ, साथ ही Narendra Modi से मुलाकात की संभावना
- 11 अप्रैल: पटना वापसी, पार्टी नेताओं के साथ बैठक
- 12–13 अप्रैल: एनडीए विधायक दल की बैठक, नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर
- 14 अप्रैल: नीतीश कुमार का इस्तीफा संभावित
- 18 अप्रैल तक: नई सरकार का गठन
दिल्ली की ओर शिफ्ट हो रहा फोकस
राज्यसभा में जाने के बाद यह माना जा रहा है कि नीतीश कुमार का फोकस अब केंद्र की राजनीति पर होगा। हालांकि, वे दिल्ली से ही बिहार की राजनीति पर नजर बनाए रख सकते हैं।
सबकी नजर अगले मुख्यमंत्री पर
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और एनडीए किस चेहरे पर दांव लगाएगा। आने वाले कुछ दिन इस सवाल का जवाब तय करेंगे।





