रांची। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार के खजाने से 10,000 करोड़ की राशि गायब होने की खबर पर बड़ा निशाना साधा।
मरांडी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि वित्त मंत्री की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वित्त सचिव द्वारा सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाकर विस्तृत हिसाब लिया जाए, लेकिन वित्त सचिव की ओर से मंत्री के आदेश का पालन करने के बजाय फाइल को मुख्य सचिव के पास भेज दिया गया, जहां वह पिछले तीन महीनों से लंबित पड़ी है। आखिर सरकार जांच से क्यों कतरा रही है?
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह मुख्य सचिव भी जमीन घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में संदेह उठना स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की ओर से जानबूझकर मामले को दबाने या टालने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तीन महीने से फाइल पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई और देरी के लिए कौन जिम्मेदार है?
मरांडी ने कहा कि यह पूरा मामला गंभीर आर्थिक अपराध है। इसकी जांच होनी चाहिए कि यह राशि कहां गई, कहीं इसे निवेश के रूप में तो नहीं लगाया गया और क्या मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव ने इससे कोई लाभ उठाया है?





