वॉशिंगटन, 06 मई — डोनाल्ड ट्रंप ने हार्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को निकालने के लिए शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिलहाल रोकने की घोषणा की है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी।
क्यों रोका गया मिशन?
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध के बाद यह निर्णय लिया गया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ संभावित समझौते की दिशा में “काफी प्रगति” हुई है, इसलिए इस ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोका गया है।
क्या था ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’?
यह अभियान अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा हार्मुज में फंसे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए शुरू किया गया था। ट्रंप ने रविवार को इसकी घोषणा की थी, जिसके बाद सोमवार से इसे लागू किया गया।
सीमित सफलता के बाद रोक
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभियान के तहत
- सोमवार को 2 जहाज
- मंगलवार को 1 जहाज
ही सुरक्षित निकाले जा सके।
जबकि सामान्य परिस्थितियों में हर दिन करीब 125 जहाज इस मार्ग से गुजरते हैं।
बढ़ता तनाव
अमेरिकी अभियान से नाराज ईरान ने चेतावनी दी थी कि उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज हार्मुज से नहीं गुजर सकता। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
रिपोर्ट के अनुसार:
- ईरान ने एक दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला किया
- संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर मिसाइल हमले भी किए गए
आगे क्या?
ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल सैन्य दबाव बनाए रखते हुए कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। अब निगाहें इस संभावित समझौते पर टिकी हैं, जो क्षेत्रीय तनाव को कम कर सकता है।






