सीएम योगी का बड़ा कदम, ‘निवेश मित्र-3’ की शुरुआत, कंपनियों को 2781 करोड़ जारी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को यहां लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में निवेश मित्र-3 का शुभारंभ किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश में संचालित कंपनियों को दो हजार 781 करोड़ 12 लाख रुपये सब्सिडी हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने राज्य की पूर्व सरकाराें परजमकर प्रहार किए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौ वर्ष पहले हम लोगों ने जो सपना देखा था, वह धरातल पर उतरने जा रहा है। आज दुनिया के किसी भी उद्यमी के लिए सबसे पसंदीदा निवेश के लिए जगह उप्र है, यह भरोसा बना है। पहले की सरकारों ने यही भरोसा खो दिया था। कोई उद्यमी निवेश नहीं करना चाह रहा था। आज हमारी टीम-यूपी के प्रयासों से यहां निवेश के लिए लोग उत्सुक हैं। उत्तर प्रदेश भारत का फूड बास्केट भी कहा जाता है। फूड सेक्टर में उत्तर प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। पिछले नौ सालों में इस सेक्टर को खूब आगे बढ़ाया गया है। 11 फीसदी भूमि की उपलब्धता के साथ 21 फीसदी खाद्यान्न उत्पादन हमार उत्तर प्रदेश कर रहा है। युवाओं को रोजगार मिल सके, इसके लिए भी प्रयास किए गए। उप्र निवेश का गंतव्य बने, इस दिशा में बहुत प्रयास किए गए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 की शुरुआत में शायद ही कोई मिलने आ जाता हो। हम लोग उद्यमियों से निवेश का आग्रह करते थे तो वे लोग हंसते थे। चौंक कर कहते थे कि निवेश और यूपी में। वे लोग कहते थे कि पांच साल पहले ही हम लोगों ने यूपी में निवेश नहीं करने का संकल्प ले लिया है। आप आए हैं, तो हम लोग विचार करेंगे। हर जनपद, तहसील और थाने में माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे। तब हम लोगों ने तय किया कि अपराधियों की कमर तोड़नी है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरों टालरेंस की नीति अपनाई। जीरो टालरेंस के साथ ही जीरो करप्शन भी दिखे, इस दिशा में भी प्रयास किया गया। अब वे लोग ही जो कभी निवेश नहीं करना चाहते थे, फोन करके निवेश की इच्छा प्रकट कर रहे हैं। निवेश के लिए यूपी के पास 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक है। किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है।

योगी ने कहा कि हम लोग आए थे तो यूपी में डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे। आज देश के अंदर एक्सप्रेस-वे के क्षेत्र में 55 फीसदी वृद्धि हो गयी है। गंगा एक्सप्रेस-वे का शुभारम्भ होने के साथ ही भारत में अकेले 60 फीसदी अकेले उप्र की हिस्सेदारी होगी। हमारे पास 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट और चार अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा है। यूपी के सात शहरों में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। ब्लॉक, जिला और राज्य मुख्यालय को टू-लेन सड़कों से जोड़ा गया है। आज गोरखपुर के दो उद्यमी इस कार्यक्रम में इंसेंटिव लेने के लिए आए हैं। गोरखपुर में निवेश एक सपना था। सुरक्षा नहीं मिल पाने की वजह से गोरखपुर के उद्यमी गुजरात में निवेश कर रहे थे। आज वे लोग ही गोरखपुर में उद्योग स्थापित किए हैं। उप्र के हर क्षेत्र में निवेश हो रहा है। कहीं पर भी कोई समस्या नहीं है।

उन्हाेंने कहा कि अब ट्रेड यूनियन के नाम पर फैक्टरियों को नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाता। हर दिन गृह विभाग की समीक्षा करता हूं। रात 11-12 बजे भी पता चल जाए कि किसी ट्रेड यूनियन के लोग फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो उसी वक्त संबंधित जिले के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को फोन कर उठाता हूं। उनसे कहता हूं कि उन गुर्गों को टांग कर उप्र की सीमा से बाहर फेंक दो। इन लोगों ने कानपुर का क्या हश्र किया, सबके सामने है। निवेश के लिए आवदेन की प्रक्रिया को काफी आसान किया गया है। सिंग विंडो सिस्टम निवेश मित्र-3 उद्यमियों की राह काफी आसान करेगा। इसमें आवेदन करने से लेकर अनुमोदन तक की व्यवस्था है। किसी प्रकार की हस्तक्षेप की नौबत न हो, इसकी व्यवस्था इसमें की गयी है। इस मौके पर 45 कम्पनियों को सब्सिडी वितरित करने के साथ 62 कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) भी प्रदान किया गया है। उद्यमियाें के साथ एमथाेयू हुआ है।

इस मौके पर मंच पर मुख्यमंत्री याेगी के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी, आईटी एवं इलेक्ट्रानिक मंत्री सुनील शर्मा, राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी के अलावा शासन के अधिकारी मौजूद रहे।

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