रांची, 31 मार्च । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में कथित शराब घोटाले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
750 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का दावा
मरांडी ने कहा कि वर्ष 2022 में शुरू हुए इस कथित घोटाले की राशि 750 करोड़ रुपये से अधिक है, जो निष्पक्ष जांच में 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शुरुआती शिकायतों को नजरअंदाज किया।
एसीबी की जांच पर उठाए सवाल
मरांडी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी की भूमिका संदिग्ध रही है।
उन्होंने बताया कि कई अधिकारियों की गिरफ्तारी के बावजूद 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जिससे आरोपितों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मरांडी ने आरोप लगाया कि घोटाले में पहले अवैध कमाई की गई और अब जांच के नाम पर आरोपितों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील की।साधा
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और जमीन कब्जा जैसे मुद्दों को उठाया। शराब घोटाले को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के आरोपों के बीच अब इस मामले में जांच एजेंसियों की भूमिका और सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।





