पटना: बिहार में शराबबंदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने लिखा कि शराबबंदी लागू होने के 10 वर्षों में बिहार में 11 लाख केस दर्ज किए गए और 16 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही अब तक 5 करोड़ लीटर से ज्यादा शराब जब्त की गई है।
तेजस्वी यादव के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों में 2 करोड़ लीटर से अधिक शराब बरामद की गई, यानी प्रतिदिन औसतन 11 हजार लीटर से ज्यादा। वहीं 2026 के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हर महीने औसतन 3 लाख 70 हजार 684 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई, जो करीब 12,356 लीटर प्रतिदिन है।
उन्होंने दावा किया कि यह केवल “दिखावटी जब्ती” है, जबकि जमीनी स्तर पर बिहार में प्रतिदिन 1 लाख 70 हजार लीटर से अधिक शराब की खपत हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के मुताबिक 2026 में जब्ती में 18% की बढ़ोतरी हुई है, जो इस बात का संकेत है कि शराब की उपलब्धता अभी भी व्यापक है।
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में शराब बिहार में कैसे पहुंच रही है और इसके पीछे किसका सहयोग है। उन्होंने सरकार से खपत के आंकड़े भी सार्वजनिक करने की मांग की।
अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी के नाम पर “संस्थागत भ्रष्टाचार” को बढ़ावा मिला है और अफसरशाही बेलगाम, भ्रष्ट और तानाशाही होती जा रही है।





